आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 राज्यसभा सांसदों के बीजेपी का दामन थामने सियासी गलियारों में हलचल तेज है. इन 7 सांसदों में से एक राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने NDTV से एक्सक्लूसिव बातचीत में बताया है कि पार्टी के नेता आप छोड़ बीजेपी में कैसे शामिल हुए. उन्होंने बताया कि इसकी पटकथा बहुत पहले ही लिखी जा चुकी थी. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात की कहानी भी बताई.
बोले, हमने पंजाब के साथ गद्दारी नहीं की
राज्यसभा सांसद विक्रमजीत साहनी ने कहा कि आम आदमी पार्टी को छोड़ने का उनका निर्णय किसी निजी स्वार्थ की वजह से नहीं बल्कि पंजाब के हितों की रक्षा के लिए लिया गया एक जज्बाती फैसला है. हमने पंजाब की भलाई के लिए बीजेपी के साथ जाने का निर्णय लिया है. पार्टी भले ही कुछ कहे, हमने पंजाब के साथ गद्दारी नहीं की है.
पंजाब की सेवा करने से कोई नहीं रोक सकता
उन्होंने कहा कि हमें पंजाब की सेवा करने से कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने उन आरोपों को भी खारिज किया जिसमें उन्हें 'गद्दार' कहा जा रहा था. साहनी ने साफ कहा कि आम आदमी पार्टी चाहे जो कहे, लेकिन उन्होंने पंजाब के साथ कभी गद्दारी नहीं की है और अब वो पंजाब के लिए ज्यादा मजबूती से काम करेंगे.
केंद्र-सरकार का तालमेल पंजाब के लिए अच्छा
बातचीत के दौरान साहनी उस वक्त भावुक हो गए जब उन्होंने बताया कि दिल्ली दंगों में उनके परिवार के छह सदस्य शहीद हो गए थे. उन्होंने कहा कि वे पंजाब और पंजाबियत के लिए अपनी जान लगा देंगे. इसके अलावा उन्हें कुछ और नहीं चाहिए. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर केंद्र सरकार और पंजाब का तालमेल बैठता है तो राज्य के लिए यह काफी अच्छा होगा.
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