"...वो लोग तुरंत सुधर जाएं": गढ़चिरौली में पुलिसकर्मी की हत्‍या कर, नक्‍सलियों की धमकी

आदिवासियों ने चेतावनी दी है कि दूसरे ऐसे लोग जो हमारी आवाज दबाने में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, वो तत्काल सुधर जाएं अन्यथा जनता कभी माफ नहीं करेगी. जानकार इसे नक्सलियों द्वारा टारगेट किलिंग बता रहे हैं...

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गढ़चिरौली:

महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित जिले गढ़ चिरौली में नक्सलियों द्वारा एक पुलिसकर्मी की हत्या का मामला सामने आया है. इसे टारगेट किलिंग के रूप में भी देखा जा रहा है. बताया जा रहा है कि हत्या के बाद शव के पास पर्चा छोड़ा है. इसमें दावा किया गया है कि आदिवासी अपना जल, जंगल और जमीन बचाने के लिए अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन लालसू वेलदा जैसे लोग उनकी आवाज दबाने के लिए जन विरोधी कार्य कर रहे हैं... गांव की खबरें एसडीपीओ तक पहुंचा रहे हैं.

इसलिए बताया जा रहा टारगेट किलिंग...
आदिवासियों ने पर्चे में चेतावनी दी गई है कि दूसरे ऐसे लोग जो हमारी आवाज दबाने में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, वो तत्काल सुधर जाएं अन्यथा जनता कभी माफ नहीं करेगी. जानकार इसे नक्सलियों द्वारा टारगेट किलिंग बता रहे हैं, क्योंकि मृतक पुलिसकर्मी पाटिल लालसु वेलदा ने अपने गांव के कई युवकों को माइनिंग कारखानों में काम पर भी लगाया था, जिसे लेकर नक्सली नाराज हैं.

इस गुट ने ली हत्‍या की जिम्‍मेदारी 
हत्या की ये वारदात गढ़चिरौली जिले के टिटोला गांव में हुई. बताया जाता है कि पुलिसकर्मी पाटिल की हत्या पत्थर से पीट-पीटकर की गई. हत्या की जिम्मेदारी भारत की कम्यूनिस्ट पार्टी ( माओवादी ) की गढ़चिरौली डिविजन ने ली है.

लालसु वेलदा थाने में तैनात थे, जबकि उनका एक बेटा गढ़चिरौली पुलिस के C60 में कमांडो है और दूसरा बेटा सुरजागढ़ खदान में काम कर रहा हैं. टिटोला गांव हेडरी पुलिस थाना क्षेत्र के जांबिया ग्राम पंचायत अंतर्गत आता है. नक्सलियों ने लालसु वेलदा को सूरजागढ़ माइन का दलाल और पुलिस एजेंट बताते हुए हत्या का दावा किया है.

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