- गुजरात के लिए केंद्र सरकार की तरफ से बड़ी सौगात मिली है. जिससे सौराष्ट्र को फायदा होगा.
- नागेश्री-अमरेली-चोटिला कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है. जिसकी मांग लंबे समय से हो रही थी.
- यह 196 किलोमीटर का हाईवे है, जिसे 2125.55 करोड़ रुपए से तैयार किया जाएगा.
गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए बड़ी खबर है. केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग-351G के नागेश्री-अमरेली-चोटिला सेक्शन के चौड़ीकरण को मंजूरी दे दी है. ऐसे में सौराष्ट्र की लाइफलाइन माने जाने वाले इस हाईवे का कायाकल्प होने से बड़ा फायादा होगा. 196 किलोमीटर का यह लंबा हाईवे 2125.55 करोड़ रुपए से तैयार होगा. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी जानकारी दी है. इस प्रोजेक्ट को 'हाइब्रिड एन्युइटी मोड' पर तैयार किया जाएगा. इस हाईवे के चौड़ीकरण से गुजरात के सूरत से पुणे की कनेक्टिविटी को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है. दोनों शहरों के बीच की 413 किलोमीटर की दूरी अब महज 8 घंटे में पूरी हो जाएगी.
सूरत से पुणे जाने में फायदा
नागेश्री-अमरेली-चोटिला हाईवे का सबसे ज्यादा फायदा सूरत और पुणे के बीच होगा. क्योंकि यहां से गाड़ियां नेशनल हाईवे-47 और आगे अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे और मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के जरिए सीधे सूरत पहुंच सकेगी. सूरत और पुणे के बीच की कुल दूरी 413 किलोमीटर है. दोनों शहरों के बीच की दूरी 10 घंटे तक लग जाती थी. लेकिन इस एक्सप्रेसवे पर अत्याधुनिक 'मिसिंग लिंक' टनल खुल जाने से अब सफर का समय करीब 1 घंटे तक कम होगा. ऐसे में दोनों शहरों का सफर तय करने में अब 8 से 9 घंटे का ही समय लगेगा. इसलिए इस सेक्शन का फायदा गुजरात और महाराष्ट्र के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाएगा.
नागेश्री-अमरेली-चोटिला हाईवे का रूट
नागेश्री-अमरेली-चोटिला हाईवे की शुरुआत अमरेली जिले के जाफराबाद तालुका से होगी, जो नागेश्री में आता है. यहां से आगे चलते हुए यह हाईवे खांभा, चलाला, अमरेली शहर, बाबरा, जसदण और आटकोट प्रमुख शहरों को कनेक्ट करेगा. इसके बाद यह सुरेंद्रनगर जिले के प्रसिद्ध धार्मिक और औद्योगिक स्थल चोटिला में जाकर खत्म हो जाएगा. इन शहरों के जुड़ने से गुजरात के लोगों को बड़ा फायदा होगा.
गुजरात की 3 राज्यों से कनेक्टिविटी
इस चौड़ीकरण के काम से गुजरात की 3 बड़े राज्य मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से कनेक्टिविटी मजबूत होगी. नागेश्री-अमरेली-चोटिला सेक्शन का आखिरी हिस्सा चोटिला में नेशनल हाईवे-47 पर खत्म होता है. ऐसे में यह रूट आगे जाकर अहमदाबाद और राजस्थान-मध्य प्रदेश की सीमाओं से जुड़ जाता है. यह गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तक फैला हुआ एक पूरा कॉरिडोर है. जिसका सबसे ज्यादा फायदा गुजरात के सौराष्ट्र के तटों को होता है. क्योंकि अमरेली जैसे जिलों की कनेक्टिविटी गुजरात के बाहर देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक शहर इंदौर से बेहद मजबूत हो जाएगी. इसलिए यह प्रोजेक्ट अहम माना जा रहा था. जिसकी मांग लंबे समय से चल रही थी.
2028 तक हो सकता है तैयार
गुजरात राज्य का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है. ऐसे में नागेश्री-अमरेली-चोटिला हाईवे प्रोजेक्ट अब अगले 2 से 2.5 सालों के बीच तैयार हो सकता है. माना जा रहा है कि 2028 तक इसे पूरा कर लिया जाएगा. टेंडरिंग और अलॉटमेंट प्रोसेस अगले 4 से 6 महीने में पूरा होने की उम्मीद है. इसके बाद आगे का काम शुरू हो सकता है.