- मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में अवैध कोयला खदान में धमाके से अब तक 16 मजदूरों की मौत हुई है
- देश में पहले भी कई खदान हादसे हुए हैं, जिनमें सैकड़ों मजदूरों की जानें विस्फोट और पानी भरने से गई हैं
- 1975 में झारखंड के चासनाला की खदान में अचानक पानी भरने से तीन सौ से अधिक मजदूरों की मौत हुई थी
मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को अवैध कोयला खदान में हुए जोरदार धमाके में अब तक 16 मजदूरों की मौत हो चुकी है. वहीं कई अन्य के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. ये पहली बार नहीं है, जब देश के किसी कोयला खादान में ऐसी घटना हुई है. कभी पानी भरना तो कभी विस्फोट, अलग-अलग घटनाओं में पहले भी सैकड़ों मजदूरों की जान जा चुकी है. मेघालय में हुए इस हादसे ने साल 1965 और 1975 के उन दो भयावह हादसों की याद जहन में फिर ताजा कर दी है, जिनमें 600 से ज्यादा मजदूरों को अपनी जान गंवा दी थी.
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चासनाला: सबसे बड़ा खदान हादसा, 376 मौतें
27 दिसंबर 1975 में झारखंड के बोकारो से सटे चासनाला की भूमिगत खदान में देश का सबसे खतरनाक खान हादसा हुआ था. खदान में अचानक से पानी भर गया था, जिसकी वजह से मजदूरों समेत 376 कर्मचारियों की मौत हो गई थी. इस हादसे ने पूरी दुनिया को हिला दिया था. खदान में पानी भरते ही काम कर रहे 375 कार्चमारियों की जल समाधि हो गई थी. इस हादसे को 50 साल से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन फिर भी देश में खनन हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.
ढोरी कोलियारी: धमाके के बाद 268 मजदूरों की मौत
साल 1965 में देश में दूसरा सबसे बड़ा खदान हादसा झारखंड के ढोरी कोलियारी में 27-28 मई की रात को हुआ था. रात के करीब पौने एक बजे जोरदार धमाका और एक ही झटके में 268 मजदूरों और कर्मचारियों की मौत हो गई थी. हादसे के समय दूसरी शिफ्ट के मजदूर बाहर आ रहे थे और तीसरी शिफ्ट के मजदूर अंदर काम के लिए जा रहे थे. ये धमाका इतना भयानक था कि खदान के तीनों मुहानों से लावा फूट उठा था. यह लावा दो-ढाई मील तक फैला और पूरा आसमान चिंगारी से भर गया था. धमाके की आवाज भी ऐसी कि कान के पर्दे फट जाएं. इस भयानक हादसे के बीच खादान के भीतर काम कर रहे मजदूर बाहर निकल ही नहीं पाए थे.
असम, दिमा हसाओ: पानी भरने से कई मजदूरों की मौत
जनवरी 2025 में असम के दिमा हसाओ जिले में 300 फीट गहरी कोयला खदान में पानी भर गया था, जिसकी वजह से चार मजदूरों की जान चली गई थी. 15 से ज्यादा मजदूर अंदर फंस गए थे. जिसके बाद उनको बचाने के लिए कई दिनों तक रेस्क्यू ऑपरेशन चला था. ओएनजीसी और कोल इंडिया की विशेष मशीनें से करीब 310 फीट गहरी खदान से पानी निकालने के काम में जुटी रहीं. लेकिन फिर भी कई को बचाया नहीं जा सका था.
झारखंड,सीसीएल कर्मा प्रोजेक्ट: 4 ग्रामीणों की मौत
जुलाई 2025 महीने में झारखंड के रामगढ़ जिले के सीसीएल कर्मा प्रोजेक्ट में अवैध रूप से कोयला निकाल रह चार ग्रामीणों की भी मौत हो गई थी, वहीं 6 ग्रामीण बुरी तरह घायल हुए थे. दरअसल सीसीएल, कर्मा परियोजना में कोयला उत्खनन का काम कर रही थी. ग्रामीण कोयला निकालने पहुंचे थे, जहां चाल अचानक धंस गई और 4 ग्रामीणों की मौत हो गई थी. दो बुरी तरह घायल हुए थे.
छिंदवाड़ा की ओपन कास्ट कोयला खदान: चट्टान गिरने से दबे मजदूर
नवंबर 2025 में मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा की वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के पेंच क्षेत्र बंद पड़ी ओपन कास्ट कोयला खदान में 15 मजदूरों का समूह रात में करीब 3 बजे अवैध रूप से कोयला निकालने पहुंचा था. खुदाई के दौरान एक बड़ी चट्टान ढही और देखते ही देखते वहां मौजूद 5 लोग मलबे में दब गए. खदान में अंधेरा था और गहराई भी बहुत ज्यादा थी, जिसकी वजह से उनको बाहर निकालने में काफी परेशानी हुई थी.
धनबाद,चापापुर कोलियरी ओसीपी: चाल धंसने से 1 की मौत
सितंबर 2025 में झारखंड के धनबाद में ईसीएल मुगमा क्षेत्र की चापापुर कोलियरी ओसीपी में अवैध खनन के दौरान एक चाल धंस गई थी. मलबे की चपेट में आने से एक शख्स की मौत हो गई थी. वहीं दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे.













