ओडिशा के नवरंगपुर जिले से एक शर्मनाक मामला सामने आया है. दरअसल, टेंटुलिखूंटी इलाके के एक सेवा आश्रम स्कूल में 7वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा ने स्कूल के प्रिंसिपल पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया है. मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है. आरोपी हेड मास्टर सुकांत सारंगी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
पीड़ित छात्रा के परिजन BJD नेता प्रदीप माझी के साथ शनिवार को नवरंगपुर थाने पहुंचे और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. आरोप है कि प्रिंसिपल सुकांत सारंगी ने स्कूल में नाबालिग छात्रा को गलत तरीके से छुआ. परिवार पहले जिला मजिस्ट्रेट के पास भी गया था, लेकिन तब कानूनी कार्रवाई नहीं की गई. अब इंसाफ की मांग को लेकर पुलिस में केस दर्ज कराया गया है. परिवार ने आरोपी प्रिंसिपल का ट्रांसफर करने की भी मांग की है.
धारा 180 से 181 में बदलेगा केस
नवरंगपुर SDPO कृष्ण चंद्र भटारा ने बताया कि एक नाबालिग लड़की ने नवरंगपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है. इसे टेंटुलिखूंटी थाने फॉरवर्ड किया जाएगा, जहां केस दर्ज होगा. उन्होंने कहा कि छात्रा के बयान के आधार पर कोर्ट में धारा 180 को बदलकर धारा 181 किया जाएगा. उन्होंने आश्वासन दिया कि कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई की जाएगी. आरोपी कोई भी हो, पर्याप्त सबूत मिलने पर कानूनी कदम उठाए जाएंगे.”
POCSO एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
नाबालिग से छेड़छाड़ का मामला POCSO एक्ट के तहत आता है, जिसमें सख्त सजा का प्रावधान है. पुलिस पीड़िता का मेडिकल और 164 के तहत बयान दर्ज कराई गई. स्कूल के अन्य बच्चों और स्टाफ से भी पूछताछ होगी.
प्रिंसिपल तत्काल प्रभाव से सस्पेंड
वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर ने आरोपी हेडमास्टर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है. सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई स्कूल जांच कमेटी की सिफारिश पर की गई है. नवरंगपुर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. वहीं, जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने जनता को भरोसा दिलाया कि मामले में कानून के अनुसार सख्ती से निपटाया जाएगा.
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इस घटना ने शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. आश्रम स्कूलों में पढ़ने वाले आदिवासी और गरीब बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में डर का माहौल पैदा कर दिया है. लोगों ने दोषी को कड़ी से कड़ी सजा देने और पीड़िता को जल्द न्याय दिलाने की मांग की है.
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