देश में एक दिन आये कोविड-19 के 864 केस, स्वास्थ्य तैयारी के लिए 4-5 जून को मॉक ड्रिल

पब्लिक एडवाइजरी में कहा गया है कि लोग हाथ साफ रखें, मास्क पहने और अस्वस्थ होने पर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. इसके अलावा तीव्र श्वसन बीमारी वाले व्यक्तियों को स्वयं निगरानी करने को कहा गया है.

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देश में इस साल कोरोना वायरस के मामले अब चार हजार के पार पहुंच गए हैं. पिछले 24 घंटे में देश में कोविड -19 के 864 नए केस मिले हैं, जिसके बाद देश में कुल एक्टिव केस की संख्या 4302 हो गईं है. हालांकि इस दौरान 581 मरीज ठीक भी हुए हैं, इसके बाद कुल ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 3281 हो गईं है.

DGHS नें कोविड को लेकर की समीक्षा बैठक 

भारत में तेजी से बढ़ते कोरोना के नए वेरिएंट के मामले को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भी अलर्ट मोड पर है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, DGHS डॉ सुनीता शर्मा ने 2 और 3 जून को कोरोना की वर्तमान स्थिति और तैयारी को लेकर समीक्षा बैठक की. इस बैठक में डिजास्टर मैनेजमेंट सेल, एमरजैंसी मैनेजमेंट रिस्पांस, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विस लांस प्रोग्राम (IDSP), दिल्ली में मौजूद केंद्रीय अस्पतालों के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे. बैठक में बताया गया कि कोरोना के वर्तमान मरीजों में हल्के लक्षण हैं और ज्यादातर लोग घर पर ही ठीक हो जा रहे हैं. 

राज्यों को तैयारी पूरी करने का निर्देश

DGHS डॉ सुनीता शर्मा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कहा है कि वो अपने यहां ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और जरूरी मेडिसिन की तैयारी पूरी रखें. बैठक में सभी को जानकारी दी गईं कि आईडीएसपी के तहत राज्य और जिला निगरानी इकाइयाँ इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन बीमारी (एसएआरआई) की बारीकी से निगरानी कर रही हैं. दिशानिर्देशों के अनुसार सभी भर्ती एसएआरआई मामलों और 5% आईएलआई मामलों के लिए परीक्षण की सिफारिश की गईं है. वहीं, पॉजिटिव एसएआरआई सैंपल को ICMR वीआरडीएल नेटवर्क के माध्यम से संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जा रहा है.

4 और 5 जून को होगा मॉक ड्रिल 

सूत्रों के अनुसार, बैठक में बताया गया कि ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणालियों (पीएसए प्लांट, एलएमओ टैंक, एमजीपीएस लाइन) का आकलन करने के लिए 2 जून को एक मॉक ड्रिल की गईं थीं. लेकिन दोबारा तैयारियों को देखने के लिए 4 और 5 जून को एक और मॉक ड्रिल किया जाएगा. 

कोरोना से बचाव को लेकर पब्लिक एडवाइजरी जारी

इस बैठक में देश भर में कोरोना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद पब्लिक एडवाइजरी भी जारी की गई ताकि लोग इस महामारी से बचाव कर सकें. पब्लिक एडवाइजरी में कहा गया है कि लोग हाथ साफ रखें, मास्क पहने और अस्वस्थ होने पर भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. इसके अलावा तीव्र श्वसन बीमारी वाले व्यक्तियों को स्वयं निगरानी करने को कहा गया है और स्थिति बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेने की अपील की गई है. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार कोविड की वर्तमान स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय लगातार निगरानी बनाए रखे हुए.

कोरोना संक्रमित 44 लोगों की हुई मौत

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जनवरी से 4 जून तक कुल 44 कोरोना संक्रमित लोगों की मौत हुई है. इसमें से सात लोगों की पिछलें 24 घंटे में मौत हुई है. मृतकों में दिल्ली से एक, महाराष्ट्र से चार, तमिलनाडु और गुजरात से एक -एक लोग शामिल हैं. हालांकि प्राथमिक तौर पर मरने वाले लोगों को पहले से भी कई गंभीर बीमारी थी. 

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केरल में सबसे ज्यादा एक्टिव केस 

केरल -1373, महाराष्ट्र -510, दिल्ली -457, गुजरात- 461, पश्चिम बंगाल -432, कर्नाटक -324, तमिलनाडु -216, उत्तर प्रदेश -201, राजस्थान -90, पुडुचेरी -22, आंध्र प्रदेश -31, हरियाणा-51, मध्य प्रदेश -22, ओड़िशा- 18, झारखण्ड -9, गोवा -8, जम्मू-कश्मीर -6, छत्तीसगढ़ -15, पंजाब -12, असम -8, बिहार -22, सिक्किम - 4, अरुणाचल प्रदेश -0, तेलंगाना -3, उत्तराखंड - 2, मिजोरम -2 और चंडीगढ़ में 2 एक्टिव केस हैं.

कमजोर इम्युनिटी वाले रखें खास ख्याल 

सर गंगा राम हॉस्पिटल के डिपार्टमेंट ऑफ मेडिसिन में सीनियर कंसलटेंट प्रो. (डॉ.) एम वली नें एनडीटीवी से कहा कि अहम यह है कि जो लोग कोविड संक्रमित हैं वह आइसोलेशन में चल जाएं. वह अपने स्वास्थ्य का पूरी तरीके से ध्यान दें और सभी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें. उन्होंने कहा कि कोविड केस बढ़ने से कोई घबराने की जरूरत नहीं है. जरूरत है बस बचाव करने की. जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर है खासकर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे, उन्हें खास ख्याल रखने की जरूरत है.

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वहीं आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा है कि पश्चिमी और दक्षिणी क्षेत्रों से सैंपल की जीनोम अनुक्रमण से संकेत मिलता है कि मौजूदा वृद्धि ओमिक्रॉन के सब-वेरिएंट से प्रेरित है, जो अब तक हल्के प्रकृति के प्रतीत होते हैं. मई तक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने LF.7 और NB.1.8 कोविड सबवेरिएंट को निगरानी में रखे जाने वाले वेरिएंट के रूप में बताया है. ये वही वेरिएंट्स हैं, जो कथित तौर पर चीन और एशिया के कुछ हिस्सों में संक्रमण में बढ़ोतरी को बढ़ावा दे रहे हैं. 

गौरतलब है कि 22 मई तक देश में सिर्फ 257 कोविड केस थे लेकिन 26 मई तक ये आंकड़ा बढ़कर 1010 पर पहुंच गया. हालांकि बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य एक्सपर्ट्स ने कहा है कि यह कोई घबराने वाली बात नहीं है.

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