मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम केस में आखिरकार इंसाफ हो ही गया. मेरठ की अदालत ने दोषी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई है. जिला जज अरविंद कुनार ने दोनों को उसके पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में ये सजा सुनाई है.
सजा का ऐलान का होने के बाद महिला वकील ने कहा कि जो फैसला आया है, बहुत अच्छा है. उन्होंने कहा कि हम सावित्री के देश के हैं, मुस्कान के नहीं.
महिला वकील ने कहा, 'सावित्री अपने पति के प्राण यमराज से बचाकर ले आई थी और यहां इन्होंने पति को मारने के बाद उसकी बॉडी को काट-काटकर नीले ड्रम में भरा. इसमें इनको मौत की सजा ही होनी चाहिए थी.'
उन्होंने कहा कि 'इससे समाज में एक संदेश जाएगा कि महिला हो या पुरुष हो, कानून सबके लिए बराबर है.'
सजा के ऐलान के वक्त चुप रहे मुस्कान-साहिल
सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में 30 सितंबर को अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी करार दिया था. बुधवार को दोनों की सजा सुनाई गई.
बुधवार को जब अदालत की कार्यवाही शुरू हुई तो मुस्कान और साहिल, दोनों ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए. सजा सुनाए जाने के समय मुस्कान और साहिल चुपचाप खड़े रहे.
सौरभ राजपूत हत्याकांड में ट्रायल जुलाई 2025 में शुरू हुआ था. सुनवाई के दौरान 22 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए. करीब 13 महीने तक चली अदालती कार्यवाही में 126 तारीखों पर सुनवाई हुई थी.
मार्च 2025 में गिरफ्तार हुए थे दोनों
पुलिस ने 19 मार्च 2025 को मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. जांच में सामने आया था कि सौरभ की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े कर घर में रखे नीले ड्रम में डाल दिए गए थे.
मामले में सौरभ के परिजन शुरू से ही मुस्कान और साहिल के लिए मृत्युदंड की मांग कर रहे थे. सजा सुनाए जाने से पहले सौरभ की मां ने कहा था कि वह नवरात्र के दौरान पूजा-पाठ में दोनों को फांसी की सजा मिलने की प्रार्थना कर रही हैं.
उन्होंने कहा था कि यदि मौत की सजा से भी कोई कड़ी सजा होती, तो वह दोषियों को मिलनी चाहिए.