सोशल मीडिया पर सफल होने की सनक आपको किस कदर पागल बना सकती है इसका एक उदाहरण झारखंड के गढ़वा जिले में देखने को मिला है. यहां एक शख्स ने अपने स्टूडियो को सिर्फ इसलिए आग के हवाले कर दिया क्योंकि यूट्यूब पर तमाम कोशिशों के बाद भी उसके चैनल पर लाइक्स और व्यूज नहीं बढ़ रहे थे. मामला गढ़वा मेराल थाना मुख्यालय क्षेत्र का बताया जा रहा है. इस घटना में आरोपी के घरवालों की भी जान बाल-बाल बची है. दरअसल, जिस समय शख्स ने अपने स्टूडियो में आ लगाई उस दौरान उसके घर वाले भी घर पर ही थे. आग तेजी से घर की तरफ भी फैलने लगी. गनीमत रही कि समय रहते थाना पुलिस और स्थानीय लोगों की तत्परता से पूरे परिवार की जान बचा ली गई.
जानकारी के अनुसार युवक की पहचान विधायक प्रजापति के रूप में हुई है, जो पेशे से यूट्यूबर था और घर पर ही फिल्म एडिटिंग व अन्य डिजिटल काम का स्टूडियो चलाता था. बताया जा रहा है कि यूट्यूबर बनने के लिए उसने अपनी जमीन बेचकर घर में आधुनिक स्टूडियो बनवाया था. लेकिन पिछले कुछ समय से उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही थी, जिससे वह मानसिक तनाव में रहने लगा. प्रजापति लगातार कोशिश कर रहा था की यूट्यूब पे उसके फॉलोअर्स बढ़े पर उसके लाख कोशिश के बावजूद उसे सफलता मिल नहीं रही. पड़ोसी और गोंदा पंचायत के पूर्व मुखिया प्रकाश कुमार अरुण ने बताया कि विधायक प्रजापति बीते एक सप्ताह से मानसिक रूप से अस्वस्थ था. वह अक्सर अकेला रहने लगा था और परिवार से भी कम बातचीत कर रहा था. शनिवार की रात करीब 10 बजे उसने अपने घर के एक कमरे में बने स्टूडियो का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और वहीं आग लगा दी.
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विष्णु कांत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की. लोहे का मुख्य दरवाजा नहीं खुल पाने की वजह से पुलिस और स्थानीय लोगों ने बगल की दीवार तोड़कर घर के अंदर प्रवेश किया. बाहर से पानी डालकर आग को काबू में करने का प्रयास किया गया और किसी तरह परिवार के सभी सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इस दौरान घर का बड़ा हिस्सा और पूरा स्टूडियो आग की चपेट में आकर जल गया. कंप्यूटर, कैमरे, लाइट, साउंड सिस्टम और अन्य महंगे उपकरण पूरी तरह नष्ट हो गए. बाद में दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंची और आग को पूरी तरह बुझाया गया. परिवार वालों के अनुसार इस घटना में करीब दस लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है.
थाना प्रभारी विष्णु कांत ने कहा कि पुलिस को मौके पर देखकर विधायक प्रजापति घर के पीछे से दीवार फांदकर फरार हो गया. बाद में परिजनों ने उसे खोजा और रविवार सुबह उसे इलाज के लिए रांची ले जाया गया, जहां अब उसका इलाज चल रहा है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है. स्थानीय लोग इस बात को लेकर चर्चा कर रहे हैं कि सोशल मीडिया और यूट्यूबर बनने की अंधी दौड़ कहीं युवाओं के लिए मानसिक संकट का कारण तो नहीं बन रही है. लोगों का कहना है कि कम समय में नाम और पैसा कमाने की चाहत कई युवाओं पर भारी पड़ रही है.पड़ोसी प्रकाश कुमार अरुण ने बताया कि विधायक प्रजापति मेहनती युवक था, लेकिन लगातार असफलता और दबाव ने उसे मानसिक रूप से कमजोर कर दिया. उन्होंने कहा कि परिवार की हालत अब बेहद खराब है और उन्हें प्रशासन से मदद की उम्मीद है.














