गणतंत्र दिवस परेड 2026 में बड़ा बदलाव, VIP एनक्लोजर खत्म, दिखेगी 'ऑपरेशन सिंदूर' की झलक

रक्षा सचिव ने यह भी कहा कि इस बार गणतंत्र दिवस का थीम बंदे मातरम के 150 साल और समृद्धि का मंत्र आत्मनिर्भर भारत होगी. हालांकि परेड की अवधि पहले की तरह 90 मिनट की रहेगी. कोशिश की गई है कि इस बार दर्शकों को एक नया अनुभव देखने को मिले.  

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इस बार की 26 जनवरी परेड होगी खास. (फाइल फोटो)
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  • गणतंत्र दिवस परेड में कर्तव्य पथ की दर्शक दीर्घाओं को नदियों के नाम दिए जाएंगे ताकि VIP संस्कृति खत्म हो सके
  • दर्शक दीर्घाओं के नामों में गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, नर्मदा, गोदावरी, कृष्णा समेत कई प्रमुख नदियां शामिल हैं
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सलामी स्थान के पास की दर्शक दीर्घाओं को गंगा और घाघरा नाम दिया गया है
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नई दिल्ली:

26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर होने वाली गणतंत्र दिवस परेड इस बार खास होने जा रही है. पहली बार कर्तव्य पथ पर बनी दीर्घाओं को वीआईपी या ब्लॉक नंबर की जगह भारत की प्रमुख नदियों के नाम पर जाना जाएगा. रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के मुताबिक, सभी ब्लॉक का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा जाएगा ताकि वीआईपी कल्चर को खत्म किया जा सके. इतना ही नहीं 29 जनवरी को होने वाले बीटिंग रिट्रीट के दौरान भी ब्लॉक का नाम भारतीय वाद्य यंत्रों के नाम पर ही रखा जाएगा. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, इसका मकसद वीआईपी संस्कृति को खत्म कर आम लोगों को गणतंत्र दिवस से जोड़ना है.

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दर्शक दीर्घाएं पवित्र नदियों के नाम पर होंगी

सूत्रों के मुताबिक कर्तव्य पथ की दर्शक दीर्घाओं के नाम गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, नर्मदा, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, सिंधु, झेलम,व्यास, सतलुज, रावी, चंबल, तीस्ता, महानदी, कोसी, घाघरा, सोन, गंडक, वैगई, पेरियार और पेनार जैसी नदियों के नाम पर रखे गए हैं. ये नदियां देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों की जीवनरेखा रही हैं.

वीआईपी एन्क्लोजर खत्म

कर्तव्य पथ पर जिस स्थान से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परेड की सलामी लेंगी, उसके पास की दर्शक दीर्घाओं को गंगा और घाघरा नाम दिया गया है. वहीं ज्यादा दर्शकों के लिए बड़ी गैलरी बनेंगी. तीस्ता और चंबल नाम की दर्शक दीर्घाएं आकार में बड़ी होंगी, ताकि ज्यादा लोग परेड देख सकें. इससे आम नागरिकों की भागीदारी बढ़ेगी. वैसे पहले वीआईपी एन्क्लोजर होने से आम और खास का फर्क दिखता था, लेकिन अब नदियों के नाम रखने से इस दूरी को खत्म करने की कोशिश की गई है.

26 जनवरी को मेट्रो सुबह 3 बजे से चलेगी

रक्षा सचिव ने यह भी कहा कि इस बार गणतंत्र दिवस का थीम बंदे मातरम के 150 साल और समृद्धि का मंत्र आत्मनिर्भर भारत होगी. हालांकि परेड की अवधि पहले की तरह 90 मिनट की रहेगी. कोशिश की गई है कि इस बार दर्शकों को एक नया अनुभव देखने को मिले. उन्हें अच्छा और रुचिकर लगे. जो भी दर्शक देखने आएंगे  उनको कोई परेशानी नहीं हो. उस दिन मेट्रो सुबह 3 बजे से चलेगी. जिनके पास टिकट या पास है उनको मेट्रो टिकट कटाने की कोई जरूरत नहीं होगी.

परेड में दिखेंगे पाक को धूल चटाने वाले जेट

कर्तव्य पथ पर ऑपेरशन सिंदूर में पाकिस्तान को धूल चटाने वाले ज़्यादातर हथियार नज़र आएंगे. ब्रह्मोस मिसाइल और आकाश एयर डिफेंस सिस्टम होगा तो रफाल और मिग 29 जैसे लड़ाकू विमान भी फ्लाई करते दिखेंगे. टी 90 और अर्जुन टैंक भी कर्तव्य पथ पर दहाड़ता नज़र आएगा. साथ ही देसी अटैक्स और धनुध तोप भी गर्जना करेंगे. साफ है इस बार का गणतंत्र दिवस कुछ अलग और रोचक होगा.

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