जो TMC के साथ नहीं, उसे बंगाल में रहने का अधिकार नहीं... ममता बनर्जी के सामने बोलीं महुआ मोइत्रा

TMC नेता महुआ मोइत्रा ने कहा है कि ममता बनर्जी का विरोध करने वाले 'बंगाली' कहलाने के हकदार नहीं हैं. भाजपा ने इसे तानाशाही बताते हुए सवाल किया है कि क्या 55% गैर-TMC मतदाता अब राज्य छोड़ दें?

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  • तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने कहा कि जो ममता बनर्जी के साथ नहीं है, वह बंगाली नहीं कहलाता
  • महुआ के इस बयान के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मंच पर मौजूद थीं, जिससे विवाद और बढ़ गया
  • भाजपा ने महुआ के बयान को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए टीएमसी पर तानाशाही मानसिकता का आरोप लगाया
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) की नेता और पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा का एक बयान वायरल हो रहा है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने ही महुआ ने कहा कि जो टीएमसी के साथ नहीं, वह बंगाली नहीं है और उसे बंगाल में रहने का कोई हक नहीं है. बीजेपी ने इस बयान को लेकर महुआ मोइत्रा समेत पूरी टीएमसी को आड़े हाथ लिया है. बीजेपी ने पूछा कि जो टीएमसी की विचारधारा को नहीं मानते क्या वो बंगाली नहीं हैं?

किस बयान पर मचा बवाल?
धर्मतला में पार्टी के मंच पर महुआ मोईत्रा ने कहा, 'आज मैं स्पष्ट कर देना चाहती हूं कि जो भी ममता बनर्जी के साथ नहीं खड़ा है, वह बंगाली कहलाने के लायक नहीं है. ऐसे लोगों को बंगाल की धरती पर रहने का कोई हक नहीं है." महुआ के इस बयान के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मंच पर ही मौजूद थीं, जिसके बाद विपक्ष ने टीएमसी पर 'तानाशाही' मानसिकता का आरोप लगाया है.

बीजेपी ने किया पलटवार
महुआ के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही भाजपा हमलावर हो गई है. भाजपा ने इसे 'लोकतंत्र की हत्या' करार देते हुए कहा कि टीएमसी अब खुलेआम उन लोगों को धमका रही है जो उनकी विचारधारा से सहमत नहीं हैं. बीजेपी ने तर्क दिया कि अगर टीएमसी के साथ न होने वाले 'बंगाली' नहीं हैं, तो 2024 के चुनावों में टीएमसी को वोट न देने वाले 55% मतदाता क्या बंगाली नहीं हैं? क्या वे अब बंगाल में रहने का अधिकार खो चुके हैं? भाजपा ने आरोप लगाया कि एक तरफ महुआ मोईत्रा 'बंगाली' होने का सर्टिफिकेट बांट रही हैं, वहीं दूसरी तरफ टीएमसी ने शत्रुघ्न सिन्हा, कीर्ति आजाद और यूसुफ पठान जैसे गैर-बंगाली बाहरी लोगों को बंगाल से सांसद बनाया है. यहां तक कि पार्टी का तंत्र प्रतीक जैन जैसे बाहरी व्यक्ति चला रहे हैं.

भाजपा ने हाल ही में राजीव कुमार और मेनका गुरुस्वामी के राज्यसभा नामांकन और राज्य का पैसा अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल जैसे गैर-बंगाली वकीलों पर खर्च करने को लेकर भी घेरा है.

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