- पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार दो एलपीजी टैंकर BW TYR और BW ELM स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से सुरक्षित निकल गए हैं
- BW TYR मुंबई पोर्ट की ओर जा रहा है और 31 मार्च 2026 को पहुंचने की संभावना है
- युद्ध के कारण 18 भारतीय ध्वज वाले जहाज और करीब 500 नाविक अभी भी स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में फंसे हुए हैं
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, लगभग 94,000 मीट्रिक टन एलपीजी का कार्गो लेकर आ रहे दो और एलपीजी टैंकर - BW TYR और BW ELM सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ क्षेत्र से निकल गए हैं और भारत के तटों की ओर अग्रसर हैं. रविवार को पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा - एलपीजी टैंकर - BW TYR मुंबई की ओर बढ़ रहा है और इसके 31 मार्च 2026 को वहां पहुंचने की उम्मीद है.
जबकि दूसरा एलपीजी टैंकर - BW ELM न्यू मैंगलोर पोर्ट की ओर जा रहा है और इसके 1 अप्रैल 2026 को पहुंचने का अनुमान है. दोनों एलपीजी टैंकर वर्तमान में ओमान की खाड़ी में हैं. हज़ारों टन एलपीजी से लदे ये दोनों कार्गो जहाज़ मध्यपूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से करीब 29 दिनों तक स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में फंसे हुए थे.
स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के ब्लॉक होने से भारत को सप्लाई होने वाला करीब 45% कच्चा तेल और 90% LPG की सप्लाई बाधित हुई है.भारत अपनी ज़रूरत का 60% LPG स्टॉक आयात करता है, जिसका 90% मध्यपूर्व एशिया में युद्ध शुरू होने से पहले स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ से गुजरता था.शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक, मध्यपूर्व एशिया में जारी युद्ध की वजह से Strait of Hormuz के पश्चिम में अभी भी 18 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं, जिनपर करीब 500 भारतीय नाविक सवार हैं.
इनमें तीन बड़े भारतीय ध्वज वाले एलपीजी टैंकर भी शामिल हैं, जिन पर एक लाख मेट्रिक टन से ज्यादा LPG लोड किया हुआ है. इन तीनों एलपीजी टैंकरों को वहां से निकलने की राजनयिक कोशिशें जारी हैं.
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। एलपीजी वितरकों (LPG distributorships) में एलपीजी की कमी की कोई सूचना नहीं है. कल ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 94% की वृद्धि हुई. वितरक स्तर पर हेराफेरी को रोकने के लिए डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित डिलीवरी फरवरी 2026 के 53% से बढ़ाकर कल 84% कर दी गई. कल 55 लाख से अधिक एलपीजी रिफिल वितरित किए गए. घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य है.
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