- अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है, जो पड़ोसी देशों से कम है.
- भारत के मुकाबले इंडोनेशिया, बांग्लादेश, वियतनाम पर अधिक टैरिफ लागू होने से भारत को अमेरिकी बाजार में लाभ होगा.
- चीन पर अमेरिकी टैरिफ अभी भी 34 प्रतिशत है, जिससे भारत को निर्यात में बेहतर प्राथमिकता मिलने की संभावना है.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने के ऐलान के बाद भारत को वैश्विक व्यापार में एक अहम रणनीतिक बढ़त मिलती नजर आ रही है. इस फैसले से भारत न सिर्फ दक्षिण और दक्षिण‑पूर्व एशिया के अपने प्रमुख निर्यात प्रतिस्पर्धियों से आगे निकल गया है, बल्कि अमेरिकी बाजार में उसकी स्थिति भी पहले से ज्यादा मजबूत होना तय माना जा रहा है.
नई टैरिफ व्यवस्था के तहत भारत पर 18 प्रतिशत शुल्क लागू होगा, जो क्षेत्र के कई बड़े निर्यातक देशों से कम है. इंडोनेशिया पर 19 प्रतिशत, जबकि बांग्लादेश और वियतनाम पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है. इसका सीधा मतलब यह है कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पाद अब तुलनात्मक रूप से सस्ते और उनके लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा में टिके रहना ज्यादा आसान होगा. इससे कई सेक्टरों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद की जा रही है.
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चीन के मुकाबले फायदे में भारत
इसके साथ ही चीन की तुलना में भारत को कहीं ज्यादा फायदा मिलता दिख रहा है. जहां भारत पर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा, वहीं चीन पर अमेरिकी टैरिफ अभी भी 34 प्रतिशत बना हुआ है. ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिकी कंपनियां और आयातक चीन के बजाय भारत से सामान मंगाने को प्राथमिकता दे सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत के निर्यात में तेजी आ सकता है.
पाकिस्तान के मुकाबले भी भारत को मामूली लेकिन महत्वपूर्ण बढ़त मिली है. पाकिस्तान पर वर्तमान में 19 प्रतिशत टैरिफ लागू है, जो भारत से एक प्रतिशत ज्यादा है. यह अंतर भले ही छोटा लगता है, लेकिन बड़े व्यापारिक सौदों में यही फर्क भारतीय कंपनियों को बढ़त दिला सकता है.
अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत
माना जा रहा है कि कम टैरिफ का असर सिर्फ निर्यात तक सीमित नहीं रहेगा. इससे भारत में विदेशी निवेश बढ़ने की भी उम्मीद है, क्योंकि वैश्विक कंपनियां भारत को भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में देखने लगेंगी. साथ ही इससे मेड इन इंडिया और ‘मेक इन इंडिया जैसी पहलों को भी मजबूती मिलेगी.
अमेरिका द्वारा टैरिफ में कटौती का फैसला भारत की अर्थव्यवस्था और निर्यात के लिए एक बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. आने वाले कुछ महीनों में इसका असर भारतीय बाजार और वैश्विक व्यापार दोनों में साफ दिखाई दे सकता है. वहीं आज शेयर बाजार में निवेशकों के चेहरे खिल सकते हैं.














