- जुहू में रोहित शेट्टी के निवास के बाहर हुई फायरिंग के मामले में पांच संदिग्ध पुणे से गिरफ्तार किए गए हैं
- फायरिंग की घटना रविवार तड़के करीब बारह बजकर तैंतालीस मिनट पर हुई, जिसमें चार से पांच राउंड दागे गए थे
- पुलिस की जांच में पता चला कि फायरिंग में इस्तेमाल बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर पुणे का था
मुंबई के जुहू क्षेत्र में फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के निवास शेट्टी टावर के बाहर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. यह घटना रविवार तड़के लगभग 12:43 बजे हुई. जांच के आधार पर मुंबई और पुणे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पांच संदिग्धों को पुणे से हिरासत में लिया गया, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बताए जा रहे हैं. इनकी उम्र 18 से 27 वर्ष के बीच है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, एक बाइक पर आए हमलावर ने शेट्टी टावर के बाहर चार से पांच राउंड फायरिंग की. एक गोली इमारत की ग्लास फेसाड/गैलरी पर लगी. घटना के तुरंत बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ाई गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए. फुटेज में दिखी बाइक का रजिस्ट्रेशन नंबर पुणे का था, जिसके आधार पर जांच पुणे तक पहुंची.
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक धमकी भरा पोस्ट वायरल
इसी बीच सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक धमकी भरा पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें फायरिंग की जिम्मेदारी लेते हुए इसे “चेतावनी” बताया गया. पोस्ट में आगे “और गंभीर अंजाम” की धमकी भी दी गई. इस मामले में पांच संदिग्धों को पुणे से पकड़ा गया, उनकी पहचान आदित्य ज्ञानेश्वर गायकी, सिद्धार्थ दीपक येनपुरे, समर्थ शिवशरण पोमाजी, स्वप्नील बंडू सकट और अमन आनंद मारोते के तौर पर हुई है. पुलिस को शक है कि इन लोगों ने हमलावर को लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसे वाहन, ठिकाना और भागने की व्यवस्था-मुहैया कराई.
12 विशेष टीम कर रही है जांच
मुंबई क्राइम ब्रांच ने केस संभालते ही 12 विशेष टीमें बनाई हैं. रोहित शेट्टी की ओर से पहले किसी धमकी की शिकायत न होने के कारण पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है. तकनीकी इनपुट और लोकेशन ट्रैकिंग की मदद से ही पुलिस पुणे के वारजे इलाके तक पहुंच पाई.
पुलिस का मानना है कि यह मामला संगठित अपराध से जुड़ा गंभीर खतरा है. फायरिंग के कुछ ही देर बाद धमकी भरा पोस्ट डालना और फिर उसे डिलीट कर देना यह तरीका बिश्नोई गैंग ने पहले सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग और बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में भी अपनाया था. सूत्रों के मुताबिक, पूरे मॉड्यूल का कथित मास्टरमाइंड शुभम लोणकर है, जो अभी भारत से बाहर किसी अज्ञात स्थान पर होने का अनुमान है. घटना के दौरान रोहित शेट्टी अपने टावर की ऊपरी मंज़िल पर मौजूद थे.













