भारत में चुनावी माहौल में अक्सर पैसों का इस्तेमाल कर मतदान को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है जो कई बार अवैध काला धन होता है. इसी को ध्यान में रखकर पश्चिम बंगाल में इन दिनों जगह-जगह सख्ती से चेकिंग की जा रही है. विधानसभा चुनावों में मतदाताओं को लुभाने के लिए अवैध नकदी के इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने राज्य के लिए पहले ही 294 सामान्य पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है. पश्चिम बंगाल में अगले महीने दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे लगभग एक महीना पहले राज्य में दो अलग जगहों से पुलिस ने चेकिंग के दौरान भारी मात्रा में कैश बरामद किया है. ये कैश पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना और अलीपुरद्वार जिले में पकड़े गए हैं.
बाइक से पकड़ा बैग में कैश
पुलिस के अनुसार दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर के जॉयतला इलाके में एक नियमित तलाशी अभियान चल रहा था. इसी दौरान एक बाइक सवार पर संदेह हुआ. उसे रोककर तलाशी ली गई तो उसके एक बैग से 9 लाख रुपये बरामद हुए. बाइक सवार तिलपी से कुराली की ओर जा रहा था.
पुलिस ने बाइक सवार से बरामद धनराशि के स्रोत का पता पूछा लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान तिलपी निवासी समद अली सरदार के रूप में हुई है. फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर पैसे के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है.
असम की नंबर प्लेट की गाड़ी से पकड़ा कैश
वहीं, उत्तर बंगाल के आदिवासी बहुल अलीपुरद्वार जिले में पुलिस अधिकारियों को सूचना मिली कि एक दंपति शहर के चौपाटी चौराहे के पास स्थित एक होटल में ठहरे हुए हैं और उनके पास भारी मात्रा में नकदी है. दोनों पति-पत्नी असम के चिरांग निवासी थे और मंगलवार को होटल में ठहरे थे.
बुधवार को वो अपने निजी वाहन से होटल से निकले. सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस की भ्रष्टाचार-विरोधी शाखा के अधिकारियों ने कुछ ही समय बाद वाहन को रोक लिया गया. पुलिस सूत्रों के अनुसार, वाहन की तलाशी लेने पर 2,75,000 रुपए नकद बरामद हुए. जिस वाहन से धन बरामद हुआ है, उस पर असम का पंजीकरण नंबर प्लेट लगा है. वाहन के मालिक ने खुद को असम का एक व्यापारी बताया है. पूछताछ के दौरान दंपति ने बताया कि वे मंगलवार को चिरांग से अलीपुरद्वार तक घूमने-फिरने के लिए गए थे.
हालांकि, मौजूदा चुनावी माहौल को देखते हुए जांचकर्ता इस बरामदगी को विशेष गंभीरता से ले रहे हैं. उन्होंने बताया कि दंपति से अभी तक धन के स्रोत के बारे में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिला है. पुलिस ने कहा है कि धन के स्रोत का पता लगाने के प्रयास जारी हैं. यदि धन चुनाव में इस्तेमाल करने के इरादे से लाया गया था तो उचित कार्रवाई की जाएगी.














