पुलाव, हॉक साग, केसर फिरनी... वंदे भारत एक्सप्रेस में पटरियों पर दौड़ता 'संस्कृति और जायके' का संगम

कश्मीर वंदे भारत एक्सप्रेस ने साबित कर दिया है कि यात्रा सिर्फ एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का नाम नहीं है, बल्कि यह देश की विविधताओं को करीब से जानने और उन्हें सम्मान देने का एक जरिया है.

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कश्मीर वंदे भारत का खास फूड मेन्यू.
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  • कश्मीर वंदे भारत एक्सप्रेस कटरा और श्रीनगर के बीच सांस्कृतिक और पाक विरासत को जोड़ने वाली ट्रेन है.
  • ट्रेन में यात्रियों को डोगरी और कश्मीरी पारंपरिक व्यंजन परोसे जाते हैं जो क्षेत्र की संस्कृति दर्शाते हैं.
  • कटरा से श्रीनगर की ओर डोगरी व्यंजन जैसे राजमा, हॉक साग, कश्मीरी कदम यात्रियों को दिए जाते हैं.
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भारतीय रेलवे न केवल दूरियों को कम कर रहा है, बल्कि स्वाद के जरिए हमारी सांस्कृतिक विरासत को भी जोड़ रहा है. कश्मीर वंदे भारत एक्सप्रेस वास्तव में 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' का जीता-जागता उदाहरण है. कश्मीर की वादियों में दौड़ने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस सिर्फ अपनी रफ्तार के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी मेहमाननवाजी के लिए भी चर्चा का विषय बनी हुई है. श्री माता वैष्णो देवी कटरा और श्रीनगर के बीच चलने वाली यह ट्रेन यात्रियों को एक ऐसा अनूठा अनुभव प्रदान कर रही है, जहां स्वाद की खुशबू से राष्ट्रीय एकता की भावना और मजबूत होती है.

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वंदे भारत एक्सप्रेस में डोगरा-कश्मीरी संस्कृति का स्वाद

इस सफर की सबसे खास बात इसकी 'क्यूरेटेड थाली' है यात्रियों को मिलने वाला भोजन केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि उस क्षेत्र की मिट्टी की पहचान है. ट्रेन जब कटरा से श्रीनगर की ओर प्रस्थान करती है, तो यात्रियों को पारंपरिक डोगरी व्यंजन जैसे राजमा, हॉक साग, कश्मीरी कदम, हॉक पनीर आदि परोसे जाते हैं. यह भोजन जम्मू क्षेत्र की समृद्ध डोगरा संस्कृति का प्रतिबिंब है, जिसमें स्थानीय मसालों और पारंपरिक पाक शैली का मिश्रण होता है.

कश्मीरी व्यंजनों का लुत्फ ले रहे यात्री

श्रीनगर से कटरा वापसी की यात्रा में, जब ट्रेन श्रीनगर से चलती है, तो यात्रियों को विश्व प्रसिद्ध कश्मीरी व्यंजनों जैसे कश्मीरी पुलाव, कश्मीरी कदम, जीरा आलू, हॉक पनीर, केसर फिरनी आदि का आनंद लेने का मौका मिलता है. केसर की खुशबू और कश्मीरी मसालों से तैयार यह भोजन यात्रियों को घाटी की मेहमाननवाजी का एहसास कराता है.

खाने का मन्यू राष्ट्रीय एकता का प्रतीक

भोजन का यह आदान-प्रदान महज एक 'मेन्यू' नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय एकीकरण का एक सशक्त प्रतीक है.

संस्कृतियों का जुड़ाव: डोगरा और कश्मीरी खान-पान को एक ही सफर का हिस्सा बनाकर, यह ट्रेन जम्मू और कश्मीर के दो अलग-अलग भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ रही है.

पर्यटन को बढ़ावा: देश-दुनिया से आने वाले पर्यटक जब एक ही यात्रा में इन दोनों विविध स्वादों को चखते हैं, तो उन्हें भारत की विविधता में एकता का वास्तविक अनुभव होता है.

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विकास और विरासत: यह ट्रेन आधुनिक तकनीक और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के बीच एक सुंदर सेतु का काम कर रही है.

कश्मीर वंदे भारत एक्सप्रेस का खास मेन्यू

कश्मीर वंदे भारत एक्सप्रेस ने साबित कर दिया है कि यात्रा सिर्फ एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का नाम नहीं है, बल्कि यह देश की विविधताओं को करीब से जानने और उन्हें सम्मान देने का एक जरिया है. डोगरी और कश्मीरी व्यंजनों का यह अनोखा संगम भारत की अटूट एकता का संदेश पूरी दुनिया को दे रहा है.

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