कर्नाटक में अभी भी नहीं सुलझा है सीएम पोस्ट का पेच, कब तक बचेगी सिद्धारमैया की कुर्सी, इनसाइड स्टोरी

कर्नाटक में सीएम पोस्ट की लड़ाई में अभी फिलहाल युद्धविराम वाली स्थिति नजर आ रही है. कहा जा रहा है कि मई में कई राज्यों के विधानसभा चुनावों के खत्म होने के बाद ही कांग्रेस आलाकमान सीएम बदलने को लेकर कोई फैसला करेगा.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
राहुल गांधी से मिलते सीएम सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया और डी के शिवकुमार ने राहुल गांधी से मुलाकात की है
  • कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि मई तक सिद्धारमैया को हटाने का पार्टी जोखिम नहीं लेगी
  • सिद्धारमैया ने हाल ही में राज्य में सबसे ज्यादा वक्त तक सीएम रहने का रिकॉर्ड बनाया है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की मुलाकात कनार्टक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ मैसूर के हवाईपट्टी पर हुई. राहुल गांधी को तमिलनाडु के गुडालूर के स्कूल के एक समारोह में जाना था लेकिन उन्होंने मैसूर होते हुए वहां जाना पसंद किया. राहुल अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भी गुडालूर के इस स्कूल में जा चुके हैं. मजेदार बात है कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री राहुल गांधी के जाने और आने के वक्त हवाईपट्टी पर मौजूद थे. दोनों ने जर्मनी के चांसलर की आगवानी करने के बजाय राहुल गांधी से मिलना उचित समझा.

मई तक सिद्धारमैया की कुर्सी सलामत

राहुल गांधी के सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार से मिलने के बाद राजनैतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि कनार्टक में क्या मुख्यमंत्री बदलने वाला है? क्या डीके शिवकुमार की बारी आने वाली है? यदि सूत्रों की माने तो सिद्धारमैया की कुर्सी इस साल मई तक होने वाले विधानसभा चुनाव तक तो बची ही है. इसी साल तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने वाले है और ये सब कनार्टक के अलग-बगल के राज्य हैं. चुनाव से पहले मुख्यमंत्री बदलना सही नहीं होगा क्योंकि सिद्धारमैया पिछड़ी जाति से आते हैं और चुनाव के पहले पिछड़ी जाति के मुख्यमंत्री को हटाने से अच्छा संदेश नहीं जाएगा.

फिलहाल सिद्धारमैया की कुर्सी सलाम

राज्यसभा जाएंगे सिद्धारमैया 

ये सभी चुनाव इस साल के मई तक खत्म हो जाएंगे उसके बाद राज्यसभा के लिए चुनाव होने हैं. कर्नाटक के चार सीटों के लिए वोटिंग होगी और उसके पहले मुख्यमंत्री को बदलना ठीक नहीं होगा. इसी चुनाव में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी चुन कर आना है. खरगे राज्यसभा में विपक्ष के नेता भी हैं. कुछ जानकार मानते हैं कि यदि कांग्रेस आलाकमान चाहे तो सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री पद से हटा कर राज्यसभा भेज सकती है क्योंकि यह कभी ना कभी तो करना ही होगा. मुख्यमंत्री पद ना छोड़ने के पीछे सिद्धारमैया की एक शर्त थी कि उन्हें तब तक मुख्यमंत्री जरूर बने रहना है जब तक कि कनार्टक के इतिहास के वो सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड ना बना लें. सिद्धारमैया पिछले महीने ही कनार्टक के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकार्ड बना चुके हैं.

डीके शिवकुमार ने की प्रार्थना वाली पोस्ट


मल्लिकार्जुन खरगे ने भी चला है दांव 

कनार्टक की राजनीति पर नजर रखने वाले लोगों का मानना है कि डीके शिवकुमार के पास संगठन का कौशल और संसाधन है तो सिद्धारमैया के पास विधायकों का समर्थन. कनार्टक की 224 की विधानसभा में 137 विधायक हैं जिसमें डीके के पास अधिकतम 40 विधायकों का समर्थन है बाकी सिद्धारमैया के साथ हैं. ऐसे में कांग्रेस आलाकमान असमंजस में है. राहुल गांधी के साथ मुलाकात में सिद्धारमैया ने कैबिनेट विस्तार की अनुमति मांगी है. कनार्टक के मुख्यमंत्री बदलने में देरी के पीछे एक कारण कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी हैं. खरगे खुद तो कनार्टक के मुख्यमंत्री नहीं बन पाए लेकिन वो अपने पुत्र प्रियांक खरगे को इस पद पर देखना चाहते हैं.

प्रयास और प्रार्थनाओं वाली बात 

इसा सब के चक्कर में ही सिद्धारमैया की कुर्सी बचती आ रही है. और अंत में राहुल गांधी के साथ मुलाकात के बाद डीके शिवकुमार का सोशल मीडिया पर पोस्ट अपने आप में बहुत कुछ कहता है जिसमें उनमें लिखा है कि प्रयास भले विफल हो जाएं ,लेकिन प्रार्थनाएं कभी विफल नहीं होती.

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | क्या Rahul Gandhi बयान की LoC पार कर गए? | Parliament Session 2026 | PM Modi
Topics mentioned in this article