'भगवान मुझे सास से मुक्ति दिला दो, उसे उठा लो...' कर्नाटक के मंदिर की दानपेटी से पैसों के साथ निकली गुहार की पर्ची

कर्नाटक के बेलगावी जिले के एक मंदिर की दानपेटी से 100 रुपये के नोट पर लिखा ऐसा संदेश मिला जिसमें किसी ने भगवान से अपनी सास की मौत की प्रार्थना की थी. मंदिर प्रशासन और भक्त इस असामान्य ‘मनोकामना’ को देखकर हैरान रह गए.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • बेलगावी जिले के हुलिकंटेश्वर मंदिर की दानपेटी से एक ऐसी प्रार्थना पत्र मिली जिसकी काफी चर्चा हो रही है
  • नोट में लिखा था कि सास अगले साल की जत्रा से पहले मर जाए, जो मंदिर कर्मियों को चौंकाने वाली बात थी
  • मंदिर प्रशासन को यह नहीं पता कि यह नोट किसने लिखा, क्योंकि इसमें कोई नाम या पहचान नहीं थी
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
बेलगावी:

कर्नाटक के बेलगावी जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. रायबाग तालुक के खंडल गांव में स्थित हुलिकंटेश्वर मंदिर की दानपेटी (हुण्डी) से मंदिर कर्मियों को एक ऐसा नोट मिला, जिसने सबको चौंका दिया. यह नोट किसी साधारण पर्ची पर नहीं, बल्कि 100 रुपये के नोट पर लिखा हुआ था और इसमें भगवान से एक बेहद अजीब प्रार्थना की गई थी. मंदिर में हाल ही में जत्रा (मेला) लगा था. जत्रा खत्म होने के बाद जब दानपेटी खोली गई और चढ़ावा गिना जा रहा था, तभी यह नोट सामने आया. नोट पर लिखा था:

"भगवान, मेरी तकलीफ दूर करो… मेरी सास अगले साल की जत्रा से पहले मर जाए.” इस मैसेज को पढ़कर मंदिर प्रबंधन भी दंग रह गया. आमतौर पर भक्त दानपेटी में अपनी अच्छी मनोकामनाएं लिखते हैं .जैसे घर में सुख-शांति, नौकरी, संतान, पैसा, सेहत या परिवार की खुशहाली. लेकिन किसी के मरने की दुआ लिखकर भगवान के आगे रखना बहुत ही दुर्लभ माना जाता है.

मंदिर प्रशासन ने बताया कि यह समझ नहीं आया कि यह संदेश बहू ने लिखा या दामाद ने, क्योंकि नोट पर कोई नाम या पहचान नहीं थी. वे भी मानते हैं कि अपनी नौकरी के इतने सालों में उन्होंने ऐसी ‘मनौती' पहले कभी नहीं देखी.

सोशल मीडिया पर जमकर हो रही है चर्चा 

घटना सामने आते ही गांव में चर्चा शुरू हो गई है. लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं. कोई इसे गंभीर पारिवारिक तनाव का नतीजा मान रहा है, तो कुछ लोग इसे मज़ाक या गुस्से में लिखा गया नोट समझ रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी यह मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है. मंदिर प्रबंधन का कहना है कि वे इस नोट को सिर्फ “अनोखी प्रार्थना” मानकर छोड़ रहे हैं, यह कोई जांच का मामला नहीं है. उनके मुताबिक, हर भक्त अपनी भावनाओं के साथ दानपेटी में कुछ न कुछ डालता है, और यह भी उसी का हिस्सा हैबस थोड़ा अलग और चौंकाने वाला.

ये भी पढ़ें-: पीएम मोदी ने मेट्रो में 8वीं की छात्रा से किया सवाल? जानिए क्‍या मिला जवाब

Featured Video Of The Day
हिंदी साहित्य में सृजन, संघर्ष और नई पीढ़ी, व्योमेश, जया, नवीन, अलिंद के साथ | NDTV Creators Manch
Topics mentioned in this article