- कारगिल के लोगों ने ईरान सहायता के लिए घर में मौजूद बर्तन, आभूषण, वाहन और जानवर जैसे वस्तुएं दान की हैं
- दान शिविरों में एक मुर्गी की नीलामी हुई, जो 1 लाख 25 हजार रुपये में बिकी और पूरी राशि राहत कार्यों में दी गई
- स्थानीय लोग नकद के अलावा मोटरसाइकिल, कार, साइकिल और अन्य वस्तुएं भी दान में दे रहे हैं
बर्तन, ज्वेलरी, मोटरसाइकिल, कार और जानवर... ईरान की मदद के लिए कारगिल के लोगों ने जो घर में मिला, उसे दान कर दिया है. वहीं, इन चीजों की नीलामी में भी लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. ऐसी ही नीलामी में एक मुर्गी 1 लाख 25 हजार रुपये में बिकी. ईरान के लोगों की सहायता के लिए यहां बड़े स्तर पर दान अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें आम नागरिक दिल खोलकर योगदान दे रहे हैं. जिले के विभिन्न ब्लॉकों, गांवों और कारगिल शहर में आयोजित दान शिविरों में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा है.
1,25,000 रुपये की मुर्गी
इसी क्रम में एक अनोखी घटना ने सभी का ध्यान खींचा, जब एक ग्रामीण ने दान शिविर के दौरान एक मुर्गी को योगदान के रूप में भेंट किया. मुर्गी की मौके पर ही नीलामी कराई गई, जिसमें स्थानीय निवासी ने इसे 1,25,000 रुपये की बड़ी राशि में खरीदा. नीलामी से प्राप्त पूरी रकम को ईरान के लोगों के लिए चल रहे राहत कार्यों में समर्पित कर दिया गया. यह घटना न केवल जिले में चर्चा का विषय बनी, बल्कि लोगों को दान के लिए प्रेरित भी कर रही है.
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आभूषण, बर्तन, जानवर... दान में क्या-क्या
कारगिल में चल रहे इन अभियानों के तहत लोग केवल नकद ही नहीं, बल्कि आभूषण, बर्तन, जानवर और यहां तक कि मोटरसाइकिल, कार और साइकिल जैसे वाहन भी दान कर रहे हैं. दान शिविरों में हर वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार सहयोग दे रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि कठिन समय में ईरान के लोगों के साथ खड़ा होना उनका नैतिक कर्तव्य है. समाजसेवियों और आयोजकों के अनुसार, इस तरह के अभियानों से न सिर्फ राहत राशि जुटाई जा रही है, बल्कि आपसी एकजुटता और मानवीय मूल्यों को भी मजबूती मिल रही है.
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कारगिल में चल रहा यह दान अभियान यह संदेश देता है कि मदद का मूल्य वस्तु में नहीं, बल्कि भावना और नीयत में होता है. यहां के लोग अपने सीमित संसाधनों के बावजूद, दूर देश के जरूरतमंदों के लिए मिसाल कायम कर रहे हैं.
इजरायल और अमेरिकी की ईरान के साथ लड़ाई को एक महीने से अधिक समय हो गया है. 28 फरवरी को यह जंग शुरू हुई थी. इस जंग को शुरू हुए एक महीने से ज्यादा का समय बीत गया है और इस दौरान ईरान में 3000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. हजारों घर भी बर्बाद हो गए हैं. ऐसे में लाखों लोग बेघर हो गए हैं. ऐसे में भारत समेत कई देशों के लोग ईरान की मदद के लिए राहत सामग्री भेज रहे हैं.














