किसी से निबंध लिखवाया तो किसी को थाने से ही मिल गई बेल... 4 केस जिनमें रईसजादों को तुरत-फुरत मिली जमानत

कानपुर में हाल ही में लैंबोर्गिनी कार ने कई लोगों को टक्कर मार दी थी. इस कार को चलाने वाले शिवम मिश्रा को चंद घंटों में ही कोर्ट से जमानत मिल गई.

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आरोपी शिवम मिश्रा.
PTI
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  • कानपुर में तंबाकू कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा की कार से हुई दुर्घटना के 4 दिन बाद उसे अरेस्ट किया गया था
  • शिवम मिश्रा को चार दिन बाद गिरफ्तार किया गया और कुछ घंटों में जमानत भी मिल गई
  • पुणे, नोएडा, दिल्ली और मुंबई में भी रईसजादों द्वारा सड़क हादसों के बाद जल्दी जमानत मिलने के मामले सामने आए हैं
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नई दिल्ली:

उत्तर प्रदेश के कानपुर में रविवार को तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा की लैंबोर्गिनी कार ने कई लोगों को टक्कर मार दी थी. इस कार को उनके बेटे शिवम मिश्रा चला रहे थे. इस घटना के दो दिन बाद ड्राइवर ने कबूल किया था कि इस कार को वह चला रहे थे. हालांकि, गुरुवार सुबह पुलिस ने शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया. दिलचस्प बात ये है कि गिरफ्तारी के चंद घंटों बाद ही शिवम मिश्रा को जमानत भी मिल गई. 

कानपुर की इस दुर्घटना के बाद जिस तरह से चीजें हुईं, उसने 2024 के पुणे पोर्श कांड की यादें ताजा कर दीं. उसमें भी आरोपी को जल्द ही जमानत मिल गई थी. और जमानत की शर्तें भी बड़ी अजीब थीं, जिसे लेकर देशभर में खूब हल्ला भी मचा था. अब कानपुर के इस मामले में भी आरोपी शिवम मिश्रा को गिरफ्तार करने में चार दिन लग गए लेकिन कुछ घंटों बाद ही उसे जमानत मिल गई.

शिवम मिश्रा यही लैंबोर्गिनी चला रहा था.

अब जब कानपुर के इस लैंबोर्गिनी कांड की इतनी चर्चा हो रही है तो उन मामलों पर भी नजर डाल लेते हैं, जिनमें रईसजादे आरोपियों को चंद घंटों में ही जमानत मिल गई.

पुणे पोर्श कांडः निबंध लिखने की शर्त पर जमानत

महाराष्ट्र के पुणे में के कल्याणी नगर इलाके में 18 मई को एक नाबालिग ने अपनी तेज रफ्तार पोर्श कार से दो लोगों को टक्कर मार दी थी. इस दुर्घटना में दोनों की मौत हो गई थी. घटना के तीन दिन बाद 21 मई को नाबालिग, उसके पिता और मैनेजर को गिरफ्तार किया गया. नाबालिग को कोर्ट में पेश किया गया तो उसे तुरंत ही जमानत मिल गई. कोर्ट ने शर्त लगाई कि उसे सड़क सुरक्षा पर 300 शब्दों में निबंध लिखना होगा. साथ ही 15 दिन तक ट्रैफिक पुलिस की मदद करनी होगी. हालांकि, जब इस पर बवाल हुआ तो उसकी जमानत रद्द कर दी गई.

नोएडा लैंबोर्गिनी कांड: 1 ही दिन में मिल गई बेल

30 मार्च 2025 को लाल कलर की लैंबोर्गिनी कार ने नोएडा सेक्टर 94 में बन रहे एक कॉम्प्लेक्स के पास एक फुटपाथ पर दो लोगों को टक्कर मार दी थी. इसका एक वीडियो भी सामने आया था. वीडियो में दिख रहा था कि टक्कर के बाद ड्राइवर बाहर आता है और वहां खड़े लोगों से पूछता है- 'कोई मर गया है क्या इधर?' बाद में उसने दावा किया था वह कार की टेस्ट ड्राइव ले रहा था और गलती से कार का एस्केलेटर दबा दिया. इस घटना के एक दिन बाद आरोपी ड्राइवर दीपक को जमानत भी मिल गई थी.

दिल्ली: ऑडी से 5 को कुचला, तुरंत जमानत मिली

राजधानी दिल्ली में 13 जुलाई 2025 की सुबह-सुबह वसंत विहार इलाके में एक सफेद रंग की ऑडी कार ने फुटपाथ पर सो रहे लोगों को कुचल दिया. इस दुर्घटना में 5 लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे. इस कार को उत्सव शेखर चला रहा था. चश्मदीदों ने बताया था कि वह नशे में था और तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था. पुलिस ने उत्सव शेखर को गिरफ्तार किया. हालांकि, चौंकाने वाली बात ये रही कि उत्सव शेखर को पुलिस थाने से ही जमानत मिल गई.

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मुंबई: रईसजादे को थाने से ही मिल गई जमानत

अप्रैल 2011 की एक रात 3 बजे मुंबई के मरीन ड्राइव पर तेज रफ्तार में चल रही पोर्श कार ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी. बाइक सवार के पैर में गंभीर चोटें आई थीं. इस पोर्श कार को रुचि सोया लिमिटेड कंपनी के एमडी दिनेश शाहरा के बेटे अंकेश शाहरा चला रहे थे. वह नशे में धुत था. बाइक को टक्कर मारने के बाद उसने भागने की कोशिश की लेकिन स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया. पुलिस ने उसे इस मामले में गिरफ्तार किया. लेकिन अपराध जमानती होने के कारण उसे थाने से ही जमानत दे दी.

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