- जम्मू-कश्मीर की BJP विधायक देवयाणी राणा ने विधानसभा में अपने पहले भाषण में बजट की कड़ी आलोचना की.
- देवयाणी ने आपदा प्रबंधन के लिए आवंटित राशि घटाने और शिक्षा बजट कम करने पर सरकार से सवाल उठाए.
- विधायक राणा ने पिछले साल आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद आपदा प्रबंधन बजट में कटौती की निंदा की.
BJP MLA Devyani Rana: ऊपर तस्वीर में 6 पुरुषों के बीच नजर आ रहीं महिला जम्मू-कश्मीर की BJP विधायक हैं. वो पहली बार विधायक बनी हैं. लेकिन जम्मू-कश्मीर विधानसभा में उनका पहला ही भाषण ऐसा जोरदार था कि सत्ता पक्ष के विधायक भी मेज थपथपाते नजर आए. आम तौर पर ऐसा विरले ही होता है कि जब कोई विपक्षी सदस्य सदन में सरकार को कोसे, उसकी आलोचना करें, लेकिन सत्ता पक्ष के विधायक उनका हौसला बढ़ाते नजर आए. भारतीय लोकतंत्र की यह खूबसूरत तस्वीर जम्मू कश्मीर विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र से सामने आई. जब नगरोटा की BJP विधायक देवयाणी राणा ने बजट पर सरकार को घेरना शुरू किया तो उन्होंने आंकड़ों के साथ इस तरीके से सवाल उठाए कि सत्ता पक्ष के लोग भी उनकी प्रशंसा करते आए.
देवयाणी के भाषण से पहले और अंत में भी मेज थपथपाते दिखे उमर के विधायक
जम्मू और कश्मीर विधानसभा में देवयाणी राणा का यह पहला भाषण था, जब देवयानी केंद्र शासित प्रदेश के बजट पर बोलने के लिए खड़ी हुईं तो सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के सदस्य अपनी मेजें थपथपाते नजर आए, उनके भाषण के समापन पर भी उन्होंने ऐसा ही किया, जबकि उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा प्रस्तुत बजट की आलोचना की.
अध्यक्ष ने सदस्यों से हौसला बढ़ाने का किया था अनुरोध
देवयाणी राणा के भाषण से शुरू करने से पहले अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सदस्यों से उनका हौसला बढ़ाने का अनुरोध किया. मालूम हो कि देवयाणी राणा अपने पिता दविंदर सिंह राणा के निधन के बाद हाल ही में हुए विधानसभा उपचुनाव में नगरोटा विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल कर सदन पहुंची हैं. उनके पिता दविंदर सिंह राणा जम्मू से नेशनल कॉफ्रेंस के कद्दावर नेता थे, उनकी गिनती उमर अब्दुल्ला के करीबी नेताओं में होती थी. लेकिन कुछ साल पहले वह BJP में शामिल हो गए.
पिता के निधन के बाद नगरोटा उपचुनाव में जीती हैं देवयाणी
फिर अक्टूबर 2024 में विधानसभा चुनाव के तुरंत बाद उनका निधन हो गया. जिसके बाद नगरोटा में हुए उपचुनाव में बीजेपी ने देवयाणी को उतारा था, देवयाणी चुनाव जीतने के बाद अब अपने पिता की राजनैतिक विरासत को आगे बढ़ा रही हैं.
शुक्रवार को सीएम ने पेश किया 1.13 लाख करोड़ का बजट
मालूम हो कि बीते शुक्रवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू और कश्मीर विधानसभा में 1.13 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया. इस बजट पर शनिवार को चर्चा हुई, जब देवयाणी के बोलने का समय आया तो पूरे सदन ने उनके 12 मिनट के भाषण को पूरी खामोशी से सुना. जबकि इस दौरान देवयानी राणा बजट की कड़ी आलोचना कर रही थी. उन्होंने आंकड़ों के साथ शिक्षा, आपदा प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बजट के आवंटन में कटौती के लिए सरकार पर सवाल उठाए.
आपदा प्रबंधन के आवंटित राशि घटाने की आलोचना
बीजेपी विधायक देवयाणी राणा ने अपने भाषण के दौरान सदन को बताया कि आपदा प्रबंधन और राहत के लिए आवंटित राशि को 719 करोड़ रुपये से घटाकर 350.76 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष के आवंटन का लगभग आधा है. उन्होंने कहा कि जम्मू क्षेत्र में अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने से जान-माल के भारी नुकसान के बाद आपदा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने आपदा प्रबंधन के लिए बजट आवंटन में कटौती करने के सरकार के फैसले की आलोचना की.
पिछले साल जम्मू कश्मीर में बाढ़ से आई थी भीषण तबाही
उन्होंने कहा, "यह कटौती ऐसे वर्ष में हुई है जब अभूतपूर्व और लगातार बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों, विशेष रूप से नगरोटा निर्वाचन क्षेत्र को तबाह कर दिया है." उल्लेखनीय हो कि पिछले साल अगस्त और सितंबर में जम्मू और कश्मीर में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ में दर्जनों लोगों की जान चली गई और सैकड़ों परिवार बेघर हो गए. किश्तवार में वैष्णो देवी तीर्थयात्रा और माछैल यात्रा भूस्खलन की चपेट में आ गई, जिसमें 100 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हो गई.
विधानसभा में साथी विधायकों के साथ जम्मू संभाग में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की मांग करतीं देवयाणी राणा.
शिक्षा विभाग का बजट भी किया गया गम, विधायक राणा ने उठाए सवाल
राणा ने आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए धनराशि बढ़ाने की भी मांग की. उन्होंने शिक्षा समेत अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में धनराशि कम करने के लिए सरकार की आलोचना की. उन्होंने पूछा, “शिक्षा पर अगर हम पिछले बजट से 193 करोड़ रुपये कम खर्च करते हैं, तो स्कूल बंद हो जाएंगे या उनका विलय हो जाएगा. ऐसे में गरीब बच्चे की पढ़ाई कैसे आगे बढ़ेगी?”
सरकार की नीतियों में खामियों की भी आलोचना
युवा विधायक ने कल्याणकारी योजनाओं पर सरकार की नीतियों में खामियों की भी आलोचना की. उदाहरण के लिए, उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों के लिए मुफ्त बस सेवा में दिव्यांग-अनुकूल सुविधाओं वाली बसें नहीं हैं. बजट की तीखी समीक्षा और उमर अब्दुल्ला सरकार की आलोचना के बावजूद राणा ने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में दोनों पक्षों की तालियों और प्रशंसा के साथ अपना भाषण समाप्त किया.
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