चक्रवात, बाढ़ और अन्य आपात स्थितियों के लिए आपदा प्रबंधन तंत्र मज़बूत करना बेहद ज़रूरी: पीएम मोदी  

पीएम मोदी ने शहरी पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने, पर्यटक पुलिस को दोबारा से सक्रिय करने और औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों के स्थान पर लागू किए गए नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.

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नई दिल्ली:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के पुलिस प्रमुखों से "चक्रवात दित्वा" (Cyclone Ditwah) जैसे चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रभावी आपदा प्रबंधन तंत्र को मज़बूत करने का निर्देश दिया है. प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, रायपुर में पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के 60वें अखिल भारतीय सम्मेलन में ये अहम बात कही. पीएम मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं के दौरान जीवन की रक्षा और न्यूनतम व्यवधान सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय योजना, वास्तविक समय समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और समग्र सरकारी दृष्टिकोण आवश्यक हैं.

प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक पुलिस महानिदेशकों/महानिरीक्षकों के सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ. विज़न 2047 (Vision 2047) को ध्यान में रखते हुए पुलिस व्यवस्था के लिए एक लॉन्ग-टर्म रोडमैप, काउंटर टेररिज्म (counter-terrorism) और कट्टरपंथ-निरोध (counter-radicalisation),  महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी का कारगर इस्तेमाल, विदेशों में रह रहे भारतीय भगोड़ों (Indian fugitives) को वापस लाने की रणनीतियों और प्रभावी जांच एवं अभियोजन (prosecution) सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक क्षमताओं को मज़बूत करने पर चर्चा हुई. 

बैठक में प्रधानमंत्री ने पुलिस के प्रति जनता (public perception), खासकर युवाओं की धारणा बदलने के लिए पुलिस व्यवस्था को पेशेवर, संवेदनशील और जवाबदेह बनाने का सुझाव दिया. पीएम मोदी ने शहरी पुलिस व्यवस्था को मज़बूत करने, पर्यटक पुलिस को दोबारा से सक्रिय करने और औपनिवेशिक काल के आपराधिक कानूनों के स्थान पर लागू किए गए नए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया.

साथ ही, प्रधानमंत्री ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस और प्रशासन को निर्जन द्वीपों (uninhabited islands) को एकीकृत करने के लिए कारगर रणनीतियां तैयार करने, NATGRID के अधीन इंटीग्रेटेड डेटाबेस का प्रभावी उपयोग करने और कार्रवाई योग्य खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए इन व्यवस्थाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से जोड़ने का भी निर्देश दिया. उन्होंने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को पुलिस जांच में फोरेंसिक के उपयोग पर केस स्टडी करने का आह्वान करते हुए कहा कि फोरेंसिक के बेहतर उपयोग से देश में न्याय प्रणाली और मजबूत होगी.

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