चंद्रयान-3 की सफलता के बाद ISRO चीफ भद्रकाली मंदिर दर्शन करने पहुंचे

इसरो (ISRO) चीफ एस सोमनाथ ने कहा कि सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित आदित्य-एल1 मिशन सितंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च की उम्मीद है.

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इसरो (ISRO) चीफ Chandrayaan-3 की ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग के जश्न में पूजा करते नजर आए.

चंद्रयान-3 की सफलता का जश्न देश भर में देखा जा रहा है. वहीं, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) अंतरिक्ष यान की ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग के चार दिन बाद, इसरो (ISRO) चीफ एस सोमनाथ (S Somanath) को आज केरल के तिरुवनंतपुरम में पूर्णमिकवु-भद्रकाली मंदिर में देखा गया. चंद्रयान -3 मिशन की सफलता की खुशी में वह मंदिर में दर्शन और पूजा  करने पहुंचे थे.

भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाला पहला देश
आपको बता दें कि भारत ने बुधवार को इसरो के तीसरे मून मिशन चंद्रयान -3 के लैंडर मॉड्यूल (एलएम) के चंद्रमा की सतह पर उतरने के साथ ही इतिहास रच दिया. भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन गया. इसके साथ ही चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव तक पहुंचने वाला यह पहला देश बन गया. 

चंद्रयान -3 लैंडर ने सॉफ्ट लैंडिंग की जगह को "शिव शक्ति पॉइंट" नाम दिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने शनिवार को  घोषणा की है कि जहां चंद्रयान -3 विक्रम लैंडर ने सॉफ्ट लैंडिंग की थी, उसे "शिव शक्ति पॉइंट" नाम दिया जाएगा. वह इसरो वैज्ञानिकों (ISRO Scientists) को बधाई देने के लिए ग्रीस से सीधे बेंगलुरु पहुंचे थे. 

पूरे देश के विकास में योगदान देना ही इसरो का उद्देश्य: सोमनाथ
शनिवार रात केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचने को दौरान एस सोमनाथ  ने कहा, "हम चंद्रमा, मंगल या शुक्र पर ट्रैवल करने में अधिक सक्षम हैं...लेकिन, हमें इसके लिए अपना आत्मविश्वास बढ़ाना होगा...इसके अलावा इन्वेस्टमेंट भी बेहतर होना चाहिए. " हमारे अंतरिक्ष क्षेत्र का और विस्तार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पूरे देश के विकास में योगदान देना ही इसरो का उद्देश्य है. सोमनाथ ने तिरुवनंतपुरम में कहा, हम पीएम मोदी द्वारा हमें दिए गए विजन को पूरा करने के लिए तैयार हैं.

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आदित्य-एल1मिशन सितंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च होने की संभवना
सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित आदित्य-एल1 (Aditya-L1 Mission) के बारे में पूछे जाने पर एस सोमनाथ ने कहा कि सेटेलाइट तैयार है और श्रीहरिकोटा पहुंच गया है.एस सोमनाथ ने कहा, ''सितंबर के पहले सप्ताह में लॉन्च की उम्मीद है और फाइनल डेट की घोषणा दो दिनों में की जाएगी''. इस लॉन्च के बाद, पृथ्वी से लैग्रेंज पल्वॉइंट 1 (एल1) तक पहुंचने में 125 दिन लगेंगे. तब तक हमें इंतजार करना होगा.

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