- हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत को अमेरिकी पनडुब्बी ने डुबो दिया है
- इस हमले में ईरान के 87 नौसैनिक मारे गए हैं, घायलों का इलाज श्रीलंका में चल रहा है
- ईरानी युद्धपोत भारत में एक नौसेना अभ्यास में शामिल होकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में था
ईरान ने गुरुवार सुबह एक बार फिर से इजरायल और अमेरिकी अड्डों पर कई हमले शुरू कर दिए हैं. ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका को हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत को नष्ट करने की बड़ी सजा मिलेगी. गौरतलब है कि अमेरिकी नौसेना ने ईरानी युद्धपोत IRIS डेना को मंगलवार रात नष्ट कर दिया था. इस हमले में 87 ईरानी नौसैनिक मारे गए.
अमेरिका के इस हमले को ईरानी के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने समुद्र में अत्याचार करार दिया. गौरतलब है कि ईरान का ये युद्धपोत कुछ दिन पहले ही भारत में एक नौसेना अभ्यास में शामिल होकर लौट रहा था.
अमेरिका को होगा पछतावा
अराघची ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के तट से 2,000 मील दूर समुद्र में एक जघन्य अपराध किया है. भारतीय नौसेना के अतिथि और लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे IRIS Dena देना पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया. उन्होंने एक्स पर लिखे पोस्ट में कहा कि अमेरिका मेरी बात याद रखे उसे अपनी इस हरकत पर गहरा पछतावा होगा.
ईरानी नौसैनिकों का श्रीलंका में चल रहा है इलाज
अमेरिकी हमले में घायल ईरानी नौसैनिकों का श्रीलंका के शहर गाले के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. अधिकारियों ने बताया कि युद्धपोत पर सवार 60 नौसैनिक अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश की जा रही है.
तेहरान अमेरिका और इजरायल पर कर रहा जवाबी पलटवार
अधिकारियों ने बताया कि युद्धपोत से बचाए गए 32 नौसैनिकों को मामूली चोट लगी है और उन्हें आज अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है. गौरतलब है कि हिंद महासागर में अमेरिका के हमले के बाद ईरान युद्ध के हिंद महासागर से लेकर खाड़ी तक फैलने की आशंका बढ़ गई है. इन इलाकों में इजरायल और अमेरिका की फोर्स लगातार ईरान पर हमले कर रही है. तेहरान इन हमलों का जवाब मिसाइल और ड्रोन हमलों से कर रही है.
शनिवार को इजरायल ने किया था हमला
अमेरिका और इजरायल ने गत शनिवार को ईरान के खिलाफ हमला किया था. इस हमले में ईरान से सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या कर दी गई थी. इसके अलावा अमेरिका और इजरायल ने नतांज परमाणु संयंत्र के पर भी हमला किया था.
ईरान की नेवी को खत्म करना अमेरिका का लक्ष्य
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा था कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया जब ये अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में था. उन्होंने कहा कि एक टॉरपीडो ने इसे नष्ट कर दिया. उन्होंने दावा किया कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद पहली बार अमेरिका ने दुश्मन के युद्धपोत को डुबो दिया है. हम जीतने के लिए लड़ रहे हैं. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन के मुताबिक इस हमले का मुख्य मकसद ईरान की नौसेना क्षमता को खत्म करना है.
अमेरिका सेना का बड़ा बयान
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी जनरल डैन कैनी ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के 20 पोतों को नष्ट कर चुकी है. उन्होंने कहा कि हमने 20 से ज्यादा ईरानी जंगी जहाजों को ध्वस्त कर दिया है. इजरायल और अमेरिकी सेना ने ईरान की तरफ से उनकी तरफ हो रहे हमलों में कमी आई है. ईरान युद्ध में 1,045 लोग मारे गए हैं.














