- उज्जैन को सिंहस्थ से पहले दक्षिण भारत के राज्यों से भी तेजी से कनेक्ट किया जा रहा है.
- इंदौर हैदराबाद एक्सप्रेसवे के माध्यम से महाराष्ट्र और तेलंगाना से कनेक्टिविटी मजबूत होगी.
- उज्जैन से इंदौर हाईवे से होते हुए हैदराबाद एक्सप्रेसवे के माध्यम से आप जुड़ जाएंगे.
उज्जैन से हैदराबाद का सफर अब 11 घंटे में पूरा होने वाला है. इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे से सिंहस्थ महाकुंभ से पहले उज्जैन को दक्षिण भारत के राज्यों से कनेक्ट किया जाएगा. जिससे एमपी की महाराष्ट्र और तेलंगाना से कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. भारतमाला परियोजना के तहत इंदौर-हैदराबाद कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जबकि इंदौर-उज्जैन एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य भी 80 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है. ऐसे में उज्जैन से हैदराबाद के बीच 770 किलोमीटर का सफर तेजी से पूरा हो जाएगा. इसके अलावा एमपी की महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे बड़े राज्यों से हाई स्पीड कनेक्टिविटी हो जाएगी. ऐसे में सिंहस्थ 2028 में आने वाले दक्षिण भारत के लोगों के लिए यह एक्सप्रेसवे सबसे ज्यादा फायदेमंद होने वाला है. क्योंकि इससे महाकाल नगरी की राह बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगी.
उज्जैन से हैदराबाद का सफर 11 घंटे में होगा
उज्जैन से हैदराबाद का 18 से 20 घंटे का सफर अब जल्द ही 11 घंटे में पूरा होने वाला है. क्योंकि इंदौर से हैदराबाद के बीच बन रहा एक्सप्रेसवे इस सफर को आसान बनाएगा. सिंहस्थ से पहले इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे चालू होने वाला है, जिससे इंदौर से उज्जैन की दूरी सिर्फ 45 से 60 मिनट में तय हो जाएगी, इसके बाद इंदौर-हैदराबाद से पूरा सफर 10 घंटे में पूरा होता है. कुल मिलाकर आप 11 घंटे में उज्जैन से हैदराबाद पहुंच सकेंगे. यानी यात्रा का समय लगभग आधा रह जाएगा. क्योंकि यह पूरा रूट ग्रीनफील्ड हाईवे का रहेगा. जिस पर 100 से 120 किलोमीटर की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ेगी.
सिंहस्थ-2028 से पहले कनेक्टिविटी
उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होगा. ऐसे में मध्य प्रदेश की दक्षिण भारत से कनेक्टिविटी को भी मजबूत किया जा रहा है. इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे इस आयोजन में अहम माना जा रहा है. इस हाईवे से एमपी की रफ्तार महाराष्ट्र और तेलंगाना से कनेक्ट होंगे. क्योंकि फिलहाल यह रूट बेहद थकाऊ, लंबा और संकरा है. वर्तमान में हैदराबाद से इंदौर होते हुए उज्जैन पहुंचने में 18 से 20 घंटे का समय लगता है. लेकिन इस एक्सप्रेसवे से यह सफर 10 घंटे में पूरा हो जाएगा. ऐसे में दक्षिण भारत से आने वाले यात्रियों को इस हाईवे का सबसे ज्यादा फायदा होगा.
इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे में आने वाले शहर
- उज्जैन (इंदौर-उज्जैन हाईवे अलग से बन रहा है)
- इंदौर
- खंडवा
- बुरहानपुर
- अकोला
- वाशिम
- हिंगोली
- नांदेड़
- कामारेड्डी
- मेडक
- संगारेड्डी
- हैदराबाद
एमपी में दिसंबर-2026 तक पूरा होगा काम
इंदौर-हैदराबाद एक्सप्रेसवे का मध्य प्रदेश खंड इंदौर-इच्छापुर हाईवे दिसंबर 2026 तक शुरू हो जाएगा. जबकि पूरा कॉरिडोर मार्च 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है. मध्य प्रदेश सरकार सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए 2 हजार 935 करोड़ की लागत से 6-लेन इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण कर रही है. इन दोनों प्रोजेक्ट्स के आपस में मिल जाने से दक्षिण भारत के लोग बिना किसी ट्रैफिक और बाधा के सीधे महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंच सकेंगे.
NHAI के मुताबिक 80 प्रतिशत काम पूरा
नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के मुताबिक यह काम 80 प्रतिशत पूरा चुका है. तेलंगाना की तरफ से NH-161 के कई बड़े हिस्सों को पहले ही यातायात के लिए खोल दिया गया है. मध्य प्रदेश में 3 हाई-टेक सुरंगे बनाई जा रही हैं, जिसमें भेरुघाट सुरंग, चोराल घाट सुरंग, बैग्राम सुरंग पर काम किया जा रहा है. दिसंबर 2026 तक यह खंड पूरा होते ही खतरनाक घुमावदार घाटों से मुक्त हो जाएगा. जिस पर 80 से 90 की रफ्तार में भी गाड़ियां चल सकेगी.
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