कूटनीतिक जीत, भारत के दो जहाजों पर हुआ था हमला, अब कच्चा तेल लेकर होर्मुज स्ट्रेट से निकला ऑयल टैंकर, कब पहुंचेगा?

समुद्री व्यापार पर नजर रखने वाली ब्रिटेन की संस्था यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक, शनिवार, 18 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 3 जहाजों के कैप्टन ने हमले की रिपोर्टिंग की थी. इसमें दो भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाज शामिल हैं.

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  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरानी IRGC के कमांडोज ने शनिवार को दो भारतीय जहाजों पर हमला किया था
  • कच्चे तेल का भारतीय टैंकर 'देश गरिमा' 31 नाविकों के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर पहुंचने वाला है
  • भारत ने ईरान के राजदूत को समन कर इस घटना पर अपनी नाराजगी जताई और विदेश सचिव से बातचीत की
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नई दिल्ली:

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो भारतीय-ध्वज वाले जहाजों पर ईरानी IRGC के कमांडोज के शनिवार को किए गए हमले के बाद भारत के लिए एक राहत की खबर आई है.पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर "देश गरिमा" ने 31 भारतीय नाविकों के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है और इसके 22 अप्रैल, 2026 को मुंबई पहुंचने की उम्मीद है.

भारत की कूटनीतिक जीत 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है. इस अनिश्चितता के बीच भारतीय ध्वज वाले कच्चे तेल के टैंकर "देश गरिमा" के वहां से निकलने में कामयाबी भारत की राजनयिक और कूटनीतिक प्रयासों की वजह से हुआ है. संसद की विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस संसद शशि थरूर ने रविवार को एनडीटीवी से कहा, "यह घटना चिंताजनक है. यह घटना शायद ईरान सरकार और IRGC फोर्स के बीच कम्युनिकेशन गैप की वजह से हुई.पहले ईरान के राजदूत को भारत ने समन किया था.अब भारत का एक तेल टैंकर Strait of Hormuz से निकल गया है".

दो भारतीय जहाज बने थे निशाना

इससे पहले समुद्री व्यापार पर नजर रखने वाली ब्रिटेन की संस्था यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के मुताबिक, शनिवार, 18 अप्रैल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 3 जहाजों के कैप्टन ने हमले की रिपोर्टिंग की थी. इसमें दो भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाज शामिल हैं.

UKMTO की रिपोर्ट के अनुसार, पहले हमले में भारतीय ध्वज वाले तेल टैंकर को निशाना बनाया गया. ईरानी सेना (IRGC) की दो गन बोट्स अचानक जहाज के करीब आ गईं. बिना किसी रेडियो चेतावनी या बातचीत के उन्होंने टैंकर पर गोलीबारी शुरू कर दी. हालांकि हमले में जहाज और चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं. इस कुछ देर बाद भारत के एक और जहाज को ईरानी सेना (IRGC) ने निशाना बनाया. ये हमला ओमान तट के करीब हुआ. UKMTO के रिपोर्ट के मुताबिक, इस सुपर टैंकर पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया.

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रविवार को पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा,"पिछले 24 घंटों में, दो भारतीय जहाजों, VLCC Samnar Herad और Bulk Carrier Jag Arnav ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करते समय गोलीबारी की घटना की सूचना दी, जिसके बाद वे फारस की खाड़ी में लौट आए. किसी भी चालक दल के घायल होने की सूचना नहीं है".

ईरानी राजदूत ने कहा- भारत से हमारे संबंध मजबूत

इस घटना के फ़ौरन बाद भारत सरकार ने भारत में ईरान के राजदूत को समन कर अपनी नाराजगी जताई थी. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को कल विदेश मंत्रालय ने विदेश सचिव के साथ बैठक के लिए बुलाया था. बैठक के दौरान, विदेश सचिव ने कल होर्मुज जलडमरूमध्य में दो भारतीय ध्वज वाले जहाजों पर हुई गोलीबारी की घटना पर भारत की गहरी चिंता से अवगत कराया था. उन्होंने कहा कि भारत व्यापारिक जहाजरानी और नाविकों की सुरक्षा को महत्व देता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अभी भी 14 भारतीय ध्वज वाले जहाज फंसे हुए हैं. इनमें 3 बड़े ऑयल टैंकर और 1 बड़ा एलपीजी टैंकर शामिल हैं.
 

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