- भारतीय नौसेना को स्वदेशी माहे क्लास के दूसरे एंटी-सबमरीन शैलो वाटर क्राफ्ट आईएनएस मालवान से नवाजा गया है
- आईएनएस मालवान को कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में भारत की आवश्यकताओं के मुताबिक डिजाइन और निर्मित किया गया है
- यह जहाज कम गहराई वाले समुद्र में पनडुब्बी रोधी क्षमता, निगरानी, माइन बिछाने और माइन निष्क्रिय करने में सक्षम
भारतीय नौसेना को एक और नया स्वदेशी युद्धपोत मिला है. यह एन्टी सबमरीन शैलो वाटर क्राफ्ट हैं. इसका नाम आईएनएस मालवान है. यह जहाज माहे क्लास का दूसरा जहाज है. इसे कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में बनाया गया है. यह खास तौर पर उथले समुद्र में पनडुब्बियों से लड़ने के लिए तैयार किया गया है. यह जहाज पूरी तरह भारत में डिजाइन और तैयार किया गया हैं. इसे खासकर भारतीय नौसेना की जरूरतों के मुताबिक बनाया गया है.
महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर पर रख गया नाम
इस क्लास के कुल 8 जहाज बन रहे हैं. आईएनएस मालवान इनमें दूसरा है. पूरे प्रोजेक्ट में कुल 16 जहाज बनाए जा रहे हैं. 8 जहाज को कोचीन शिपयार्ड बना रहा है तो बाकी के 8 जहाज कोलकाता की GRSE बना रही है. वैसे इस जहाज का नाम महाराष्ट्र के ऐतिहासिक तटीय शहर मालवान के नाम पर रखा गया है. यह जगह छत्रपति शिवाजी महाराज की समुद्री ताकत से जुड़ी रही है. यहां उनके किले और मजबूत समुद्री रणनीति के निशान मिलते हैं.
एंटी-सबमरीन शैलो वॉटर क्राफ्ट
पहले भी नौसेना में एक जहाज आईएनएस मालवान था. वह 2003 तक सेवा में रहा. नए जहाज के जरिए उसी परंपरा को आगे बढ़ाया गया है. आईएनएस मालवान एक एंटी-सबमरीन शैलो वॉटर क्राफ्ट है. यानी यह कम गहराई वाले समुद्र में काम करता है. खासकर उन जगहों पर जहां पनडुब्बियों को ढूंढना मुश्किल होता है, वहां यह कारगर है. यह जहाज पानी के अंदर निगरानी भी कर सकता हैं. यह माइंस से जुड़ी कार्रवाई भी कर सकता हैं.
ये है मालवान की खासियत
भारतीय नौसेना के मालवान की लंबाई करीब 80 मीटर है. वही चौड़ाई लगभग 11 मीटर है. इसका वजन लगभग 1100 टन हैं. यह कम गहराई वाले पानी में भी आसानी से चल सकता है. इसकी स्पीड करीब 46 किलोमीटर प्रति घण्टा हैं. इसमें कुल 57 लोग तैनात रहते हैं. इस जहाज में तीन डीजल इंजन लगे हैं. यह वॉटरजेट सिस्टम से चलता है. इससे जहाज तेजी से मुड़ सकता है और कम आवाज करता है. इसी वजह से दुश्मन के लिए इसे पकड़ना मुश्किल होता है. यह स्टेल्थ तकनीक से लैस हैं इससे यह रडार और सोनार पर कम नजर आता है.
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बेहद घातक है मालवान
- इसमें टॉरपीडो और एंटी सबमरीन रॉकेट लगे हैं.
- पनडुब्बियों से लड़ने की ताकत
- इस जहाज की सबसे बड़ी ताकत इसकी पनडुब्बी रोधी क्षमता है.
- इसमें आधुनिक राडार और सोनार सिस्टम लगे हैं. ये पानी के नीचे छिपे दुश्मन को ढूंढते हैं.
- इसमें सतह पर हमला करने के लिए इसमें 30 मिमी गन लगी है.साथ ही 12.7 मिमी की गन से लैस भी हैं
यह जहाज सिर्फ पनडुब्बियों से लड़ने के लिए नहीं है. यह निगरानी भी करता है. तटीय सुरक्षा में मदद करता है. यह समुद्र में माइन बिछा सकता है. और माइन से निपट भी सकता है. इसमें टॉरपीडो डिकॉय सिस्टम भी है. यह दुश्मन के हमले को भ्रमित करता है. साफ है इस जहाज के आने से नौसेना की ब्लू वॉटर में ताकत काफी बढ़ी है. यह दिखाता है अब भारतीय नौसेना स्वदेशी हथियारों के दम पर दुश्मन की नींद उड़ाएगा.
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