बांग्लादेश बॉर्डर पर सख्ती के बाद तस्करों ने समुद्री रास्तों से तस्करी को जरिया बनाना शुरू कर दिया है, लेकिन भारत के सतर्क तटरक्षक बलों ने उनकी एक बड़ी साजिश नाकाम की है. भारत ने बांग्लादेश से आ रही नावों को जब्त किया है. तस्करों ने नाव के भीतर सुरंगनुमा जगह बना रखी थी, जिसमें सैकड़ों बोरे रखे थे. बोरे खोले गए तो सुरक्षा एजेंसियां भी हैरान रह गईं. इसमें सुपाड़ी भरकर भारत लाई जा रही थी.
फ्रेजरगंज स्थित इंडियन कोस्ट गार्ड यूनिट ने 22 जनवरी 2026 को एक सटीक खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बांग्लादेश से भारत में सुपारी (Betel Nuts) की तस्करी कर रही एक भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव को जब्त किया है.
खुफिया सूचना पर त्वरित कार्रवाई
इंडियन कोस्ट गार्ड स्टेशन फ्रेजरगंज को तस्करी से जुड़ी खुफिया जानकारी (INT Input) प्राप्त होते ही एक बोर्डिंग टीम को तत्काल संदिग्ध स्थान के लिए रवाना किया गया. मौके पर पहुंचने पर टीम को एक परित्यक्त भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव (IFB) मिली, जिसे तुरंत कब्जे में ले लिया गया.
नाव से 2,600 किलो सुपारी बरामद
कोस्ट गार्ड की टीम ने नाव की गहन तलाशी (Rummaging) के दौरान सुपारी से भरे 52 बैग बरामद किए. प्रत्येक बैग का वजन करीब 50 किलोग्राम था. इस तरह कुल 2,600 किलोग्राम सुपारी जब्त की गई. जब्त की गई नाव की पहचान IFB ‘लक्ष्मीनारायण' (पंजीकरण संख्या: IND WB DS MM 9460) के रूप में हुई है.
Benfish जेट्टी पर लाकर सौंपी गई पुलिस को
जब्त की गई मछली पकड़ने वाली नाव को फ्रेजरगंज लाकर बेनफिश मछली पकड़ने के घाट पर खड़ा किया गया. इसके बाद नाव और बरामद सुपारी को कोस्टल पुलिस स्टेशन, फ्रेजरगंज के हवाले कर दिया गया है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
तस्करी रोकने के लिए कोस्ट गार्ड अलर्ट
इंडियन कोस्ट गार्ड ने स्पष्ट किया है कि वह अन्य समुद्री सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर तटवर्ती और समुद्री इलाकों में उच्च स्तर की सतर्कता बनाए हुए है. कोस्ट गार्ड का कहना है कि राष्ट्रविरोधी तत्वों (Anti-National Elements) द्वारा की जा रही तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे.
इंडियन कोस्ट गार्ड की इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समुद्री सीमाओं पर निगरानी मजबूत है. सुपारी तस्करी के इस प्रयास को नाकाम कर सुरक्षा एजेंसियों ने देश की आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा को एक बड़ा नुकसान होने से बचा लिया.














