इस महीने नहीं हो पाएगा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर दस्तखत, वाणिज्य सचिव ने बताई यह वजह

वाणिज्य विभाग के सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा है कि अमेरिका के साथ होने वाला व्यापार समझौते पर मार्च में दस्तखत नहीं हो पाएगा. उनका कहना था कि अमेरिका एक टैरिफ प्रणाली विकसित करने की प्रक्रिया है. यह विकसित हो जाने के बाद ही व्यापार समझौते पर दस्तखत करना उचित रहेगा.

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नई दिल्ली:

भारत और अमेरिका के बीच होने वाला व्यापार समझौते पर मार्च में दस्तखत होने थे. लेकिन अभी लग रहा है कि इस महीने यह समझौता नहीं हो पाएगा. यह जानकारी भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने दी है.  उनका कहना है कि अमेरिका पूरी दुनिया के लिए टैरीफ की प्रणाली विकसित करने की कोशिशें कर रहा है, इसके बाद ही इस पर दस्तखत करना ठीक रहेगा. अग्रवाल ने सोमवार को व्यापार से जुड़े आंकड़े जारी किए. 

वाणिज्य सचिव ने क्या कहा है

वाणिज्य सचिव ने सोमवार को कहा कि अमेरिका के अनुच्छेद 122 के मुताबिक इस समय दुनिया में केवल 10 फीसदी का टैरिफ ही लग रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ होने वाला व्यापार समझौता मौजूदा टैरिफ से उलट होगा. उन्होंने कहा कि समझौता पूरी तरह से तैयार है, ऐसा नहीं है कि इसे टाल दिया गया है या इस पर कोई विवाद है. उन्होंने कहा कि वार्ताकार अभी इस पर बातचीत कर रहे हैं.वाणिज्य सचिव ने कहा कि भारत ने इस समझौते पर अभी तक दस्तखत नहीं किए हैं. उनका कहना था कि भारत टैरिफ पर और स्पष्टता का इंतजार कर रहा है. 

ईरान-इजरायल में जारी युद्ध के बीच पैदा हुए ईंधन संकट पर वाणिज्य सचिव ने कहा है कि भारत ने रूस से तेल खरीद को बढ़ा दिया है.अमेरिका-इजराइल की ओर से 28 फरवरी को ईरान पर किए गए सैन्य हमले के बाद से तेल संकट पैदा हो गया है. दरअसल ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर पाबंदी लगा दी है. दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल का आवागमन इसी रास्ते से होता है. गैस की बड़ी मात्रा भी इस रास्ते से होकर दुनिया के अलग-अलग देशों में जाती है. 

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