- भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील व्यापार को बढ़ावा देने और टैरिफ कम करने के लिए महत्वपूर्ण समझौता है
- अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18% कर दिया है, जबकि भारत भी टैरिफ कम करेगा
- ट्रेड डील का नेगोशिएशन वाणिज्य मंत्रालय ने किया और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कई बार अमेरिका दौरा किया
भारत अमेरिका ट्रेड डील पर एनडीटीवी ने अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा से खास बातचीत की है. विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच ये ट्रेड डील कैसे हुई. भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील एक महत्वपूर्ण समझौता है जो दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने और टैरिफ को कम करने के लिए है. ये ट्रेड डील भारत और अमेरिका की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा. इस डील के तहत, अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ को 50% से घटाकर 18% कर दिया है, जबकि भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि उत्पादों पर टैरिफ को कम करेगा. राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि ये कैसे है भारत के लिए फायदे की डील?
पूरी डील की नेगोशिएशन वाणिज्य मंत्रालय ने की
भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत पिछले एक साल से चल रही थी, इस दौरान क्या ट्विस्ट और टर्न देखने को मिले? इस पर विनय मोहन क्वात्रा ने बताया, 'कोई भी समझौता वार्ता जब दो देशों के बीच में होती है, तो एक टीम उसका नेतृत्व करती है. दो देशों के बीच होने वाली किसी भी डील में व्यक्ति आधारित परिप्रेक्ष्य को नहीं देखना चाहिए, उसका तथ्य आधारित परिप्रेक्ष्य देखना चाहिए. तथ्य आधारित परिप्रेक्ष्य यह है कि इस पूरी डील का नेगोशिएशन वाणिज्य मंत्रालय द्वारा हुआ. इस डील को लेकर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने खुद तीन-चार बार अमेरिका की यात्रा की थी. वाणिज्य मंत्रालय के हमारे चीफ नेगेशिएटर्स ने इस टीम की बागडोर संभाली. इसके बाद डील की पूरी रूपरेखा तैयार की गई.'
फरवरी 2025 में हुई थी बातचीत की शुरुआत
अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने बताया, 'भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर बातचीत की शुरुआत फरवरी 2025 में हुई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान इस डील की नींव पड़ी थी. पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच इस डील को लेकर कई बिंदुओं पर बातचीत हुई. दोनों ने अपने देश के हितों को लेकर बातचीत की. इसके बाद दोनों ने ट्रेड डील को लेकर कुछ दिशा-निर्देश दिये. इन्हीं के आधार पर लगभग एक साथ बातचीत हुई और फिर इस डील को फाइनल किया गया.'
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विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच हुई बातचीत के बाद दोनों की ओर से 2 निर्देश दिये गए थे.
1. साल 2030 तक भारत और अमेरिका अपना द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक लेकर जाएंगे. आज की डेट में यह व्यापार 200 बिलियन के आसपास है.
2. भारत और अमेरिका के बहुक्षेत्रिय और पारस्परिक लाभकारी द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट पर समझौता वार्ता की शुरुआत की जाए. नेगोशिएशन शुरुआत दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखकर किया जाए
विनय मोहन क्वात्रा ने बताया कि इन 2 निर्देशों के आधार पर ही ट्रेड डील की बातचीत शुरू हुई. ट्रेड डील पर लगभग एक साल तक बातचीत चली. लगभग हर ट्रेड डील में उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं. इस ट्रेड डील में भी यह देखने को मिल रहा है, इसमें कुछ भी नया नहीं है. इस ट्रेड का जो परिणाम सामने आया, वो इसकी शुरुआती बातचीत से जुड़ा है. शुरुआत में यही कहा गया था कि ये डील बहुक्षेत्रिय और दोनों देशों के लिए लाभकारी होना चाहिए.
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