- इजरायल की मिसाइल रक्षा प्रणाली आयरन डोम भारत को प्रधानमंत्री मोदी के इजरायल दौरे के दौरान मिल सकती है.
- प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर इजरायल जाएंगे और रक्षा तथा आर्थिक सहयोग पर चर्चा करेंगे.
- आयरन डोम तकनीक मेक इन इंडिया के तहत भारत में विनिर्माण के लिए साझा की जाएगी.
दुश्मन देशों के मिसाइल और रॉकेट को सबसे सटीकता के साथ हवा में मार गिराने वाली इजरायल की मिसाइल रक्षा प्रणाली 'आयरन डोम' भारत को मिल सकती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी इजरायल दौरे में आयरन डोम को लेकर करार हो सकता है. इस बात की जानकारी इजरायल के मुंबई स्थित महावाणिज्य दूत यानिव रेवाच ने दी है . दरअसल यानिव रेवाच ने संकेत दिए कि पीएम मोदी की इजरायल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा समझौते का विस्तार होगा. इजरायली अधिकारी ने बताया आयरन डोम की तकनीक मेक इन इंडिया के तहत भारत में आएगा. 25 फरवरी से शुरू हो रहे पीएम मोदी के इजरायल दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते होने की उम्मीद है. पीएम मोदी के इस दौरे पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी है.
इजरायल के महावाणिज्यदूत ने दिए संकेत
भारत-इजरायल रक्षा सहयोग पर इजरायल के महावाणिज्यदूत यानिव रेवाच ने कहा, " दोनों देशों के बीच एक बेहद अनूठा और मजबूत रक्षा सहयोग है. जैसा कि मैंने पहले कहा, यह हमारे सामने मौजूद साझा चुनौतियों के कारण है. अब, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस विशेष यात्रा के दौरान, हम इस समझौते का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं ताकि विशिष्ट विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके.
25 फरवरी से दो दिवसीय इजरायल दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी
मालूम हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (25 फरवरी) को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर इजरायल जाएंगे. इस दौरान दोनों देश डिफेंस, आर्थिक साझेदारी से लेकर अहम मुद्दों पर वार्ता करेंगे. भारत में मौजूद इजरायली दूतावास ने एक वीडियो क्लिप जारी कर इस दौरे को अति महत्वपूर्ण बताया है. दावा किया कि इजरायल पीएम मोदी का बेसब्री से इंतजार कर रहा है. "नमस्ते से शालोम (इजरायल का अभिवादन) तक, यह साझेदारी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो रही है."
वहीं, क्लिप में दोनों देशों की समान सोच पर प्रकाश डाला गया है. कहा गया है- भारत-इजरायल के रिश्तों में जुड़ने वाला एक नया अध्याय है, जिसके लिए हम काफी उत्सुक हैं. दोनों देशों के बीच का ये रिश्ता भरोसे की नींव पर टिका है. ये साझेदारी हमारी समान चुनौतियों से निपटने की स्पष्ट समझ पर आधारित है.
इसमें उन क्षेत्रों का उल्लेख है जिनमें दोनों देश गंभीरता से विचार-विमर्श करेंगे और फैसला लेंगे. रक्षा पर गहन विमर्श होगा. बदलते दौर की चुनौतियों के बीच प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर सुरक्षा व्यवस्था को कैसे दुरुस्त किया जाए इस पर पीएम मोदी संग बात होगी. दूसरा जोर आर्थिक क्षेत्र में साझेदारी पर रहेगा. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की ओर बढ़ेंगे.
इससे पहले रविवार को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे की चर्चा की थी. बैठक के दौरान दिए गए अपने वक्तव्य और आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा संदेशों में नेतन्याहू ने इस यात्रा को हाल के वर्षों में इजरायल और भारत के बीच बने विशेष संबंधों और 'वैश्विक शक्ति भारत' के साथ साझेदारी की महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति बताया.
इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, "बुधवार को भारत के प्रधानमंत्री, मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी, इजरायल पहुंचेंगे. मैं अपनी आंखों के सामने जो विजन देख रहा हूं, उसके हिसाब से हम मिडिल ईस्ट के आसपास या उसके अंदर गठबंधनों का एक पूरा सिस्टम बनाएंगे. ऐसे देशों का एक धुरी समूह, जो वास्तविकता, चुनौतियों और लक्ष्यों को एक नजरिए से देखते हैं और कट्टरपंथी धुरी का सामना करते हैं."
नेतन्याहू ने अपने और पीएम मोदी के बीच दोस्ती पर जोर दिया और कहा कि वे अक्सर फोन पर बात करते हैं और एक-दूसरे से मिलते रहते हैं. 25-26 फरवरी की यात्रा के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी का दोपहर में नेसेट (इजरायल की संसद) को संबोधित करना, इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ होलोकॉस्ट स्मारक याद वाशेम का दौरा, और यरुशलम में उच्च-प्रौद्योगिकी सहयोग पर केंद्रित एक नवाचार कार्यक्रम में शामिल होना है.
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