"बेबुनियाद": भारत ने बलूचिस्तान हिंसा पर पाकिस्तान के आरोपों पर दिया तगड़ा जवाब

आईएसपीआर ने दावा किया कि आतंकवादियों ने क्वेटा, मस्तंग, नुश्की, दलबांदिन, खारान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी सहित क्षेत्रों में नागरिकों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर हमले किए.

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. विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को बेबुनियाद दावे करने के बजाय अपने लोगों की मांगों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए.
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  • भारत ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हालिया हिंसा के संबंध में लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया है
  • विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान से बलूचिस्तान के लोगों की मांगों को पूरा करने को कहा है
  • बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी बलूचिस्तान के 14 शहरों में समन्वित हमलों की जिम्मेदारी ली
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भारत ने रविवार को बलूचिस्तान में हालिया हिंसा के संबंध में पाकिस्तान के आरोपों को "बेबुनियाद" बताते हुए खारिज कर दिया और इसे पाकिस्तान के आंतरिक मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास बताया. विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को बेबुनियाद दावे करने के बजाय अपने लोगों की मांगों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए.

विदेश मंत्रालय की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, "हम पाकिस्तान द्वारा लगाए गए निराधार आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं, जो उसकी आंतरिक विफलताओं से ध्यान हटाने की उसकी सामान्य रणनीति के अलावा कुछ नहीं हैं." भारत की ये प्रतिक्रिया पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी द्वारा हमलों में भारत की संलिप्तता के आरोपों के बाद आई है. 

विदेश मंत्रालय की विज्ञप्ति में आगे कहा गया है, "हिंसक घटना होने पर बार-बार बेबुनियाद दावे दोहराने के बजाय, पाकिस्तान को बलूचिस्तान के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए. दमन, क्रूरता और मानवाधिकारों के उल्लंघन का उसका इतिहास जगजाहिर है." 

बलूचों ने 81 सैनिकों को मार डाला

बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने शनिवार को ऑपरेशन हीरोफ 2.0 के तहत पाकिस्तान के बलूचिस्तान के 14 शहरों में हुए समन्वित हमलों की जिम्मेदारी ली. इन हमलों में सैन्य, प्रशासनिक और सुरक्षा ढांचों को निशाना बनाया गया, जिसके परिणामस्वरूप 84 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, 18 कर्मियों को जिंदा पकड़ा गया, 30 सरकारी संपत्तियों को नष्ट कर दिया गया या उन पर कब्जा कर लिया गया और 23 दुश्मन वाहनों को आग लगा दी गई.  बीएलए ने केंद्रीय सैन्य मुख्यालय सहित कई दुश्मन चौकियों पर कब्जा करने और विभिन्न शहरों में दुश्मन की गतिविधियों को प्रतिबंधित करने का दावा किया है. 

यह अभियान अभी भी जारी है, जिसमें फतेह स्क्वाड, मजीद ब्रिगेड और खुफिया शाखा जीराब सहित कई इकाइयां भाग ले रही हैं. बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) को जनता का समर्थन प्राप्त है, और इस अभियान को जारी रखने में जन एकता को एक महत्वपूर्ण कारक बताया गया है. निर्वासित बलूच नेताओं और सशस्त्र समूहों ने भी इस अभियान के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है.

पाकिस्तान का दावा

शनिवार को, पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान में कई स्थानों पर हुए सिलसिलेवार समन्वित हमलों के जवाब में चलाए गए अभियानों में 92 आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया, जबकि इसके विरोध में हुई झड़पों में 15 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए.यह जानकारी देश के सैन्य मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने दी, जैसा कि एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने रिपोर्ट किया है. एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, शनिवार देर रात जारी एक बयान का हवाला देते हुए, आईएसपीआर ने दावा किया कि आतंकवादियों ने क्वेटा, मस्तंग, नुश्की, दलबांदिन, खारान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी सहित क्षेत्रों में नागरिकों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर हमले किए.

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