भारत के इस हिस्से में 125 साल में सबसे कम बारिश दर्ज, IMD का ये आंकड़ा क्यों परेशान करता है?

भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में अल नीनो की मजबूत स्थिति बनी रही है. इसका असर सितंबर के ज्यादातर दिनों में बारिश की गतिविधियों पर पड़ा है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
सांकेतिक तस्वीर
NDTV

इस साल दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान देश के कुल 741 जिलों में से 282 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई. यानी 38% जिलों में बारिश औसत से कम रिकॉर्ड की गयी है. भारत मौसम विभाग ने बुधवार को मॉनसून पर जारी अपनी अपने ताजा रिपोर्ट में ये खुलासा किया है. इस मॉनसून सीजन के दौरान पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश (1017.1 मिमी) 1901 के बाद से सबसे कम रही है, जबकि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश (542 मिमी) 1901 के बाद से चौथी सबसे कम हुई है.

भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में अल नीनो की मजबूत स्थिति बनी रही है. इसका असर सितंबर के ज्यादातर दिनों में बारिश की गतिविधियों पर पड़ा है.

कमजोर मॉनसून का असर

  • 282 जिलों (38%) में सामान्य से कम बारिश हुई है.

  • 34 जिलों (5%) में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई.

  • 312 ज़िले (42%) में सामान्य बारिश हुई. 

  • जबकि 90 जिलों (12%) में सामान्य से ज्यादा बारिश और 16 जिलों (2%) में सामान्य से काफी ज्यादा बारिश हुई.

सूखे के आकलन के लिए केंद्रीय टीम क्या कर रही है?

मंगलवार को दिल्ली में राज्यों के कृषि मंत्रियों के साथ संवाद के बाद कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि अभी तक कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश का रायलसीमा इलाका, तेलंगाना और राजस्थान का कुछ हिस्सा है जो सूखे से प्रभावित हुआ है. हालांकि कर्नाटक और महाराष्ट्र को छोड़कर दूसरे राज्यों से विस्तृत रिपोर्ट आना अभी बाकी है.  

कृषि मंत्रालय ने 3 अक्टूबर को एक केंद्रीय टीम कर्नाटक के सूखा प्रभावित इलाकों के आकलन के लिए भेजने का फैसला किया है. केंद्रीय टीम महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित इलाकों का भी दौरा करेगी.

Advertisement
केंद्र सरकार सभी सूखा-प्रभावित जिलों में पूरा सहयोग करने का ऐलान किया है. ​भारत मौसम विभाग ने बुधवार को कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन के दौरान जून से सितम्बर के बीच देश के 36 सब-डिविजन में से 17 सब-डिविजन (42%) में कम बारिश दर्ज की गई. सिर्फ एक एक सब-डिविजन (ओडिशा) में, जो देश के कुल इलाके का 5% है, में औसत से ज्यादा बारिश हुई है.

125 सालों में बारिश का आंकड़ा

भारत मौसम विभाग के मुताबिक, 2026 के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन (जून-सितंबर) के दौरान पूरे देश में लंबे समय के औसत (LPA) का 87% हुई बारिश रिकॉर्ड की गयी है. पूरे भारत में गर्मियों के मॉनसून की बारिश 759.4 मिमी रही, जो 2001 के बाद चौथी सबसे कम और 1901 के बाद 13वीं सबसे कम बारिश थी.

यह भी पढ़ें: कल का मौसम: दिल्ली, यूपी, बिहार, राजस्थान में समेत 18 राज्यों में बारिश, तमिलनाडु-केरल में अलर्ट

Featured Video Of The Day
Sucherita Kukreti | Gyanesh Kumar के खिलाफ INDIA गठबंधन की बैठक, क्या विपक्ष एकजुट है?

Topics mentioned in this article
India
Weather Forecast
Weather News Alert Hindi