रिन्यूएबल एनर्जी यानी नवीकरणीय ऊर्जा में भारत का डंका बज रहा है. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी बताया कि भारत रिन्यूएबल एनर्जी के मामले में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है. उन्होंने बताया कि इस रैंकिंग में भारत ने ब्राजील को पीछे छोड़ दिया है. अंतर्राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) ने दिसंबर 2025 तक के ये आंकड़े जारी किए हैं.
ब्राजील को छोड़ा पीछे, अब सिर्फ चीन और अमेरिका ही आगे
दिसंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, भारत ने 250.52 GW की कुल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता के साथ ब्राजील (228.20 GW) को पीछे छोड़ दिया है. इस लिस्ट में अब भारत से आगे केवल चीन (2258.02 GW) और अमेरिका (467.92 GW) ही हैं.
2030 का टारगेट 5 साल पहले ही हो गया पूरा
भारत ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए जून 2025 में ही अपनी कुल बिजली स्थापित क्षमता का 50% हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन से प्राप्त कर लिया है. पेरिस समझौते के तहत भारत ने यह लक्ष्य 2030 के लिए तय किया था, जिसे देश ने 5 साल पहले ही हासिल कर लिया है.
एक साल में जुड़ी रिकॉर्ड ऊर्जा
वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत ने 55.29 GW की रिकॉर्ड गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता जोड़ी है. यह आज तक किसी भी एक साल में की गई सबसे बड़ी बढ़ोतरी है. इससे पहले 2024-25 में यह आंकड़ा 29.5 GW था.
2014 से अब तक सौर और पवन ऊर्जा में जबरदस्त उछाल
अगर 2014 से तुलना करें, तो मार्च 2026 तक देश में कुल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में 3.59 गुना की वृद्धि हुई है. सोलर ऊर्जा में चौंका देने वाली 53.28 गुना की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वहीं पवन ऊर्जा स्थापित क्षमता भी 2.66 गुना बढ़ गई है.
जब आधी से ज्यादा बिजली रिन्यूएबल सोर्सेज से आई
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि जुलाई 2025 के महीने में भारत ने एक और अनोखा रिकॉर्ड बनाया.उस दौरान देश की कुल 203 GW बिजली की मांग का 51.5% हिस्सा सिर्फ रिन्यूएबल एनर्जी से पूरा किया गया, जो अब तक का सबसे बड़ा स्तर है.
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