भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर राजनीति तेज़ हो गयी है. शुक्रवार को राहुल गांधी ने संसद में किसान यूनियनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के बाद भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर आरोप लगाया कि महंगाई, बढ़ती लागत और MSP की अनिश्चितता से जूझ रहे किसानों को अब भारी सब्सिडी और मशीनी ताक़त से लैस विदेशी फसलों के सामने बिना तैयारी के खड़ा किया जा रहा है.
राहुल गांधी ने किसान नेताओं के साथ मुलाकात के बाद ट्वीट कर कहा कि यह सिर्फ़ एक व्यापार समझौता नहीं है, बल्कि हमारे अन्नदाताओं की आजीविका पर सीधा हमला है. यह बराबरी की लड़ाई नहीं, एकतरफ़ा दबाव है. सरकार के खोखले आश्वासन अब नहीं चलेंगे. किसानों के भविष्य का सौदा उनकी सहमति के बिना नहीं हो सकता. कुछ भी हो जाए, मैं और कांग्रेस पार्टी भारत के अन्नदाताओं के हक़, सुरक्षा और सम्मान के लिए उनके साथ खड़े हैं.
उधर विपक्षी दलों के नेताओं के इन आरोपों को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बेबुनियाद बताया है.शुक्रवार को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के 64वें दीक्षांत समारोह में शिवराज सिंह चौहान ने साफ़ किया कि मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) और अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों को फाइनल करने के दौरान फैसले राष्ट्रहित में लिए गए हैं, और किसानों के हितों को सर्वपरि रखा गया है.
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने विशेष रूप से कहा कि USA के साथ हुए समझौते में भी भारत के राष्ट्रीय हितों को पूरी तरह संरक्षित किया गया है और किसानों के हितों की सर्वोच्च रक्षा की गई है. कृषि मंत्री ने राहुल गाँधी पर पटलवार करते हुए कहा कि कुछ लोग ‘हम लुट गए, बर्बाद हो गए, देश बिक गया' जैसे नारे लगाकर झूठ और डर का माहौल बनाते हैं, लगातार झूठ बोलते रहते हैं, अफवाहों का बाज़ार फैलाते हैं. ऐसे लोग “झूठ ही खाना, झूठ ही पीना, झूठ में जगना, झूठ में सोना, झूठ बिछौना” वाली राजनीति कर रहे हैं और उन्होंने झूठ की दुकान खोल रखी है.














