- गूगल के CEO सुंदर पिचाई ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्कफोर्स को नया स्वरूप देगा और नए अवसर उत्पन्न करेगा
- AI कुछ नौकरियों को स्वचालित करेगा, लेकिन कई भूमिकाओं को बेहतर बनाने और नए करियर बनाने में मदद करेगा
- उन्होंने डिजिटल डिवाइड को AI डिवाइड में बदलने से बचाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी निवेश जरूरी बताया
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते दौर के बीच अक्सर लोगों के मन में नौकरियां खत्म होने का डर रहता है. इस पर गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने अलग नजरिया बयां किया है. दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान सुंदर पिचाई ने कहा कि AI बिना किसी शक के वर्कफोर्स को नया आकार देगा. AI लोगों को बेहतर बनाएगा और नए अवसर भी पैदा करेगा. उन्होंने ये भी कहा कि हमें ये भी देखना होगा कि दुनिया में 'डिजिटल डिवाइड'कहीं 'AI डिवाइड' में न बदल जाए.
'वर्कफोर्स का नया स्वरूप बनेगा AI'
पिचाई ने स्पष्ट किया कि AI वर्कफोर्स को पूरी तरह से नया आकार देगा. उनके अनुसार, AI कुछ भूमिकाओं को ऑटोमेट (स्वचालित) करेगा, लेकिन साथ ही कई अन्य भूमिकाओं को पहले से बेहतर बनाएगा. उन्होंने तर्क दिया कि AI पूरी तरह से नए करियर क्षेत्रों को जन्म देगा. इसका उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 20 साल पहले यूट्यूब क्रिएटर जैसा कोई पेशा नहीं था, लेकिन आज यह लाखों लोगों की आजीविका का साधन है.
AI डिवाइड से बचने की चेतावनी
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दुनिया को यह सुनिश्चित करना होगा कि 'डिजिटल डिवाइड' अब 'AI डिवाइड' में न बदल जाए. इसके लिए उन्होंने कम्प्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी में निवेश को अनिवार्य बताया.
भारत के लिए बड़ा निवेश
पिचाई ने भारत में 15 बिलियन डॉलर के निवेश से विशाखापत्तनम में एक फुल-स्टैक AI हब स्थापित करने की घोषणा की, जिससे देश में नई नौकरियां और उन्नत इंफ्रास्ट्रक्चर आने की उम्मीद है. इसके अलावा गूगल ने भारत सरकार के साथ मिलकर 10 हजार स्कूलों में जनरेटिव AI टूल्स लाने और कौशल विकास के प्रयासों को बढ़ाने के लिए हाथ मिलाया है.













