दिल्ली में DDA की जमीन पर बने अवैध निर्माण पर 72 घंटे के अंदर चलेगा बुलडोजर

अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश के बाद अब दिल्ली में बुलडोजर की दहाड़ अगले 72 घंटों में शुरू हो जाएगी. इसके लिए एसओपी भी डीडीए ने बना दी है.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
दिल्ली के अवैध निर्माण अब जल्द ध्वस्त होंगे.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • दिल्ली विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माण और कब्जों को 72 घंटे के भीतर गिराने की नई एसओपी जारी की है
  • निजी जमीन पर भी उचित कानूनी प्रक्रिया के बाद अनधिकृत निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की जाएगी
  • चार क्विक रिस्पॉन्स टीमें और चौदह फ्लाइंग स्क्वाड टीमें नियमित निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई के लिए बनाई गई हैं

दिल्ली में अगले 72 घंटों में बुलडोजर गरजने वाले हैं. दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपनी जमीन पर अवैध निर्माण 72 घंटे के अंदर गिराने का ऐलान किया है. डीडीए ने अनधिकृत निर्माण और कब्जों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए एक नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है. SOP के तहत, DDA/सरकारी जमीन पर पाए गए अवैध निर्माण और कब्जों को कानूनी प्रावधानों के अनुसार, पता चलने के 72 घंटे के भीतर गिरा दिया जाएगा.

निजी जमीन पर भी होगी कार्रवाई अगर..

यही नहीं DDA विकास क्षेत्रों में निजी जमीन पर चल रहे अनधिकृत निर्माण को भी उचित कानूनी प्रक्रिया के बाद गिरा दिया जाएगा. तोड़-फोड़ और कब्जा हटाने के अभियान चलाने के लिए चार क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRTs) बनाई गई हैं. चौदह फ्लाइंग स्क्वाड टीमें DDA जोन में नियमित निरीक्षण करेंगी ताकि शुरुआती चरण में ही नियमों के उल्लंघन का पता लगाया जा सके.

वीडियो भी बनाएंगे अधिकारी

फ्लाइंग स्क्वाड नियमों के उल्लंघन को जियो-टैग करेंगे, तारीख और समय के साथ तस्वीरें लेंगे, जमीन के मालिकाना हक की पुष्टि करेंगे और तुरंत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सौंपेंगे. SOP में ड्रोन सर्वे के इस्तेमाल की अनुमति है और लगातार निगरानी के लिए निरीक्षणों को खाली जमीन निगरानी प्रणाली (VLMS) के साथ जोड़ा गया है. तोड़-फोड़ के बाद, अधिकारियों को उसी दिन तोड़-फोड़ की रिपोर्ट, पहले और बाद की जियो-टैग की गई तस्वीरें और जहां जरूरी हो, वीडियोग्राफी जमा करनी होगी.

बोर्ड लगाए जाएंगे डीडीए के

दोबारा कब्जे को रोकने के लिए खाली कराई गई जगहों पर DDA के मालिकाना हक वाले बोर्ड लगाए जाएंगे.SOP में बेहतर तालमेल और जवाबदेही के लिए जमीन प्रबंधन, इंजीनियरिंग और बागवानी विभागों को स्पष्ट रूप से जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. यह कदम दिल्ली भर में अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के निर्देश के बाद उठाया गया है.

Advertisement

यह भी पढ़ें-

जयपुर में ₹3000 करोड़ के मेगा प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार, दिल्ली-आगरा-अजमेर हाईवे होंगे सीधे कनेक्ट

Featured Video Of The Day
UP में 35 करोड़ का महा-लक्ष्य! CM Yogi ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत किया पौधारोपण

Topics mentioned in this article
DDA
Delhi
Buldozer Action