गांवों में किस तरह फैला सड़कों का जाल? PMGSY का 25 साल का सफर

25 साल पहले दिसंबर 2000 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को शुरू किया गया था, ताकि गांवों में सड़कों और पुलों का जाल बिछाया जा सके.

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
सांकेतिक तस्वीर.
AI Generated Image
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • भारत में गांवों का विकास तभी संभव है जब वहां अच्छी सड़कें हों, जो आर्थिक और सामाजिक सेवाओं तक पहुंच बढ़ाती हैं
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 25 दिसंबर 2000 को शुरू हुई थी, जिसका उद्देश्य गांवों में सड़कों का जाल बिछाना था
  • योजना के अब तक चार चरण पूरे हो चुके हैं, जिनमें लगभग 7,87,520 किलोमीटर बन चुकी हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

किसी भी देश का विकास तभी मुमकिन है, जब उसके गांवों का विकास होगा. भारत के लिए यह और भी मायने रखता है क्योंकि यहां की आधी से ज्यादा आबादी अभी भी गांवों में बसती है. और गांवों का विकास तभी होगा, जब वहां सड़कें होंगी. क्योंकि सड़कें गांवों की आर्थिक और सामाजिक सेवाओं तक पहुंच को बढ़ावा देती हैं, जिससे खेती से होने वाली कमाई बढ़ती है और रोजगार के मौके आते हैं. यह गरीबी कम करने में भी अहम भूमिका निभाती है.

गांवों में सड़कों का जाल फैलाने के मकसद से 25 दिसंबर 2000 को तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' शुरू की गई थी. इस योजना का मकसद गांवों और दूर-दराज के इलाकों तक सड़कों और पुलों का जाल बिछाना था, ताकि वहां की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके.

यह भी पढ़ेंः सड़कों का जाल फैलाने के लिए मोदी सरकार कितना खर्च कर रही है? सब जान लीजिए

इस योजना को 25 साल पूरे हो चुके हैं और अब तक इसके 4 फेज लॉन्च हो चुके हैं. केंद्र सरकार के मुताबिक, इस योजना के तहत अब तक 8,25,114 किमी की सड़कों को मंजूरी दी गई है. दिसंबर 2025 तक 7,87,520 किमी सड़कें बन चुकी हैं.

Advertisement

2019 में PMGSY का तीसरा फेज शुरू किया गया था. इसके तहत अब तक 1.22 लाख किमी की सड़कों को मंजूरी मिल चुकी है. दिसंबर 2025 तक इसमें से 1.01 लाख किमी से ज्यादा लंबी सड़क गांवों में बनकर तैयार हो चुकी है. 

2024 में सरकार ने इसका चौथा फेज शुरू किया था, जिसके तहत 62,500 किमी लंबी सड़कें बनाई जानी हैं. चौथे फेज के लिए सरकार ने 70,125 करोड़ रुपये का बजट रखा है.

Advertisement

यह दिखाता है कि शहर से लेकर गांव और दूर-दराज के इलाकों तक रोड कनेक्टिविटी पर सरकार कितनी तेजी से काम कर रही है. अभी कई और एक्सप्रेसवे पर भी काम चल रहा है. इनमें सबसे खास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे है. 1,386 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेसवे दिल्ली से मुंबई को जोड़ेगा. जब ये बनकर तैयार हो जाएगा तो इससे दिल्ली से मुंबई तक सिर्फ 12 घंटे में पहुंचा जा सकेगा.

यह भी पढ़ेंः देश में हाईस्पीड से बढ़ा है नेशनल हाइवे का जाल, 60 फीसदी की बढ़त में लगे महज़ 12 साल

Featured Video Of The Day
Bharat Ki Baat Batata Hoon | Women Reservation Bill | महिला आरक्षण पर भिड़ीं Priyanka, Smriti-Dimple