- चेन्नई में चिकित्सकों ने मरीजों की सेहत पर निगरानी के लिए एआई आधारित ई-लिव कनेक्ट सिस्टम का उपयोग शुरू किया है
- ई-लिव कनेक्ट में वायरलेस बायोसेंसर पैच कलाई पर पहना जाता है जो हृदय गतिविधि और रक्तचाप मापता है
- चेन्नई के बाद इसे दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा
आर्टिफिशियल इंटिलिजेंस यानी एआई अब हमारे दैनिक जीवन में अंदर तक घुस चुका है. अपनी रूटीन बनाने से लेकर, ट्रांसलेशन, आईडिया जनरेशन से लेकर अपना प्लान बनाने तक एआई आम आदमी की काफी मदद कर रहा है. इस बीच चेन्नई में चिकित्सकों ने मरीजों की सेहत पर निगरानी के लिए एआई की मदद ली है. इसके बाद अस्पताल के बाहर भी मरीजों के स्वास्थ्य पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा सकेगी.
कैसे काम करेगा AI?
इस पहल का उद्देश्य लंबी बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखना है ताकि उनकी स्थिति गंभीर होने से पहले ही कदम उठाए जा सके औैर हृदयाघात के खतरे को कम किया जा सके.'ई-लिव कनेक्ट' एआई सक्षम ऐसा तंत्र है जिसके केंद्र में एक छोटा ‘वायरलेस बायोसेंसर पैच' है जिसे कलाई पर पहने जाने वाले बैंड के साथ जोड़ा गया है.यह हृदय गतिविधि और रक्तचाप(Blood Pressure) जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मापदंडों पर नजर रखता है.
दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी होगा लागू
इस सिस्टम के तहत अनुभवी चिकित्सक स्वास्थ्य मापदंडों पर चौबीसों घंटे एक दूरस्थ कमान केंद्र के जरिए नजर रख सकते हैं और यह केंद्र किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति का पता चलने पर मरीजों एवं उनके परिवारों को सतर्क करता है. इस प्रणाली के उद्घाटन समारोह में करीब 40 चिकित्सकों ने भाग लिया.‘आईलिव कनेक्ट' के संस्थापक एवं सर्जन राहुल चंदोला ने बताया कि चेन्नई के बाद इस मंच को दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी चरणबद्ध तरीके से जल्द उपलब्ध कराया जाएगा.
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