उनकी जिंदगी मानवता को समर्पित थी... : रतन टाटा के निधन पर PM मोदी समेत इन दिग्गजों ने जताया शोक

रतन टाटा के नेतृत्‍व में टाटा समूह ने बुलंदियों को छुआ. रतन टाटा 1991 में टाटा समूह के चेयरमैन बने थे और उसके बाद से ही उन्‍होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह 2012 तक इस पद पर रहे.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
नई दिल्ली:

देश के मशहूर उद्योगपति रतन टाटा का निधन (Ratan Tata Passed Away) हो गया है. वे 86 साल के थे. उनकी मौत पर देश भर से लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. पीएम मोदी, समेत कई मशहूर लोगों ने सोशल मीडिया पर शोक जताया है. देश के सबसे बड़े कारोबारी ट्रस्‍ट टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था. बढ़ती उम्र के कारण उन्‍हें कई तरह की परेशानियां थीं. रतन टाटा के लिए देशभर के लोगों में असीम सम्‍मान था.

पीएम मोदी ने ट्विटर पर लिखा है- रतन टाटा एक एक दूरदर्शी बिजनेस लीडर, दयालु आत्मा और एक असाधारण इंसान थे. उन्होंने भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया. साथ ही, उनका योगदान बोर्डरूम से कहीं आगे तक गया. अपनी विनम्रता, दयालुता और हमारे समाज को बेहतर बनाने के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के कारण उन्होंने कई लोगों का प्रिय बना लिया.

Advertisement

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा है- रतन टाटा दूरदृष्टि वाले व्यक्ति थे. उन्होंने व्यापार और परोपकार दोनों पर अमिट छाप छोड़ी है.उनके परिवार और टाटा समुदाय के प्रति मेरी संवेदनाएं.

Advertisement
Advertisement

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दुख व्यक्त करते हुए कहा कि रतन टाटा को अर्थव्यवस्था में उनके योगदान के लिए जाना जाएगा. उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "श्री रतन टाटा के निधन से दुखी हूं. वह भारतीय उद्योग के दिग्गज थे, जो हमारी अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए जाने जाते थे. उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. उनकी आत्मा को शांति मिले."

Advertisement

उद्योगपति गौतम अदाणी ने ट्वीट कर लिखा है- भारत ने एक महान, दूरदर्शी व्यक्ति को खो दिया है जिसने आधुनिक भारत के पथ को पुनर्परिभाषित किया. रतन टाटा सिर्फ एक बिजनेस लीडर नहीं थे - उन्होंने अखंडता, करुणा और व्यापक भलाई के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ भारत की भावना को मूर्त रूप दिया. 

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा है- भारत के प्रख्यात उद्योगपति, 'पद्म विभूषण' श्री रतन टाटा जी का निधन अत्यंत दुःखद है. वह भारतीय उद्योग जगत के महानायक थे. उनका जाना उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है. उनका सम्पूर्ण जीवन देश के औद्योगिक और सामाजिक विकास को समर्पित था. वे सच्चे अर्थों में देश के रत्न थे.

आनंद महिंद्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा- देश के विकास में रतन टाटा का योगदान ऐतिहासिक है. उन्होंने राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

टाटा को सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद कॉर्पोरेट, राजनीतिक और आम हलकों में उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर अटकलें तेज हो गईं.

बाद में, उन्होंने एक बयान जारी किया था कि वह उम्र से संबंधित बीमारियों के लिए कुछ नियमित चिकित्सा जांच से गुजर रहे हैं.

इसके बाद, कथित तौर पर उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था, हालांकि टाटा समूह के अधिकारियों ने किसी भी बात की पुष्टि या खंडन नहीं किया.

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने उनके निधन के बाद कहा "हम अत्यंत क्षति की भावना के साथ श्री रतन नवल टाटा को विदाई दे रहे हैं. वह वास्तव में एक असाधारण नेता हैं जिनके अतुलनीय योगदान ने न केवल टाटा समूह बल्कि हमारे राष्ट्र के मूल ढांचे को भी आकार दिया है.

“टाटा समूह के लिए श्री टाटा एक चेयरपर्सन से कहीं अधिक थे. मेरे लिए वह एक गुरु, मार्गदर्शक और मित्र थे. उन्होंने उदाहरण पेश कर प्रेरित किया. उत्कृष्टता, अखंडता और नवाचार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ टाटा समूह ने उनके नेतृत्व में अपने वैश्विक पदचिह्न का विस्तार किया. वह हमेशा अपने नैतिक सिद्धांतों के प्रति सच्चे रहे.”

रतन टाटा के नेतृत्‍व में टाटा समूह ने बुलंदियों को छुआ. रतन टाटा 1991 में टाटा समूह के चेयरमैन बने थे और उसके बाद से ही उन्‍होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. वह 2012 तक इस पद पर रहे. उन्‍होंने 1996 में टाटा सर्विसेज और 2004 में टाटा कंसल्‍टेंसी सर्विसेज जैसी कंपनियों की स्‍थापना की थी. 

Featured Video Of The Day
IPL 2025: हार बर्दाश्त नहीं कर पा रहे Sanjiv Goenka, Rishabh Pant से क्या बोले? | PBKS vs LSG | IPL