जम्मू-कश्मीर में मेजर पिता 20 साल पहले हुए थे शहीद, बेटी वही वर्दी पहन हुईं सेना में शामिल

नवंबर 2003 में श्रीनगर में एक आतंकवाद विरोधी अभियान में नवनीत वत्स शहीद हो गए थे. उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें वीरता पुरस्कार "सेना पदक" दिया गया था.

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सेना की बेटी इनायत वत्स.....पिता की बहादुरी को देश करता है सलाम

मेजर नवनीत वत्स (Major Navneet Vats) ने 20 साल पहले जम्मू-कश्मीर में देश के लिए बलिदान दिया था. अब उनकी बेटी लेफ्टिनेंट इनायत वत्स (Lieutenant Inayat Vats ) भी भारतीय सेना में शामिल हो गई हैं. चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें मिलिट्री इंटेलिजेंस क्रॉप्स में लेफ्टिनेंट के रूप में नियुक्त किया गया है. पासिंग आउट परेड में वत्स ने वही ऑलिव ग्रीन कलर की वर्दी पहनी थी, जो उनके पिता पहनते थे. उन्होंने अपने  पिता महज 3 साल की उम्र में खो दिया था.

भारतीय सेना ने बताया- "सेना की बेटी"

भारतीय सेना की ओर से एक्स पर लिखा गया कि सेना की बेटी लेफ्टिनेंट इनायत वत्स आपका स्वागत है. उन्होंने वत्स की तस्वीर भी इस मैसेज के साथ पोस्ट की. इनायत वत्स की मां शिवानी वत्स भी इस तस्वीर में उनके साथ दिखीं. मेजर नवनीत वत्स चंडीगढ़ के रहने वाले थे और उन्हें तीन गोरखा राइफल्स रेजिमेंट की चौथी बटालियन में नियुक्त किया गया था.

2003 में पिता हुए थे शहीद

नवंबर 2003 में श्रीनगर में एक आतंकवाद विरोधी अभियान में वह शहीद हो गए थे. उनकी बहादुरी और सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें वीरता पुरस्कार "सेना पदक" दिया गया था. इनायत वत्स दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएट हैं. अप्रैल 2023 में चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में शामिल होने से पहले वह दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रही थीं.
 

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