हरिवंश चुने गए राज्य सभा के उपसभापति, पीएम नरेंद्र मोदी ने दिलाई इस सुखद संयोग की याद

हरिवंश को आज राज्य सभा का उपसभापति चुना गया. यह उनका तीसरा कार्यकाल होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए उनके सौम्य व्यवहार और उनके अनुभव की तारीफ की.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
नई दिल्ली:

राज्य सभा सदस्य हरिवंश को सदन का उपसभापति चुना गया है. यह उनका तीसरा कार्यकाल है. उन्हें हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्य सभा का सदस्य नामित किया था.तीसरे कार्यकाल के लिए राज्यसभा का उपसभापति चुने जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी है. उन्होंने कहा कि हरिवंश का तीसरे कार्यकाल के लिए चुने जाना अनुभव और सहज कार्यशैली का सम्मान है. प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि हरिवंश जी अपना तीसरा कार्यकाल पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की जयंती पर शुरू कर रहे हैं, जिनके साथ उनके अच्छे संबंध रहे हैं. 

प्रधानमंत्री मोदी ने कैसे दी बधाई

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हरिवंश जी अपने जीवन के अनुभव का इस्तेमाल बहुत ही सटीक तरीके से सदन को समृद्ध करने में करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह सदन की कार्यवाही और सदन के माहौल को और अधिक परिपक्व बनाता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि उपसभापति जी का नया कार्यकाल उसी भावना, संतुलन और समर्पण के साथ आगे बढ़ेगा. और हम सबके प्रयासों से सदन की गरिमा को नई उंचाई प्राप्त होगी.

उन्होंने कहा कि हरिवंश जी का जन्म जेपी के गांव में हुआ था. ग्रामीण पृष्ठिमूमि से आने के कारण वो अपने गांव के विकास के लिए छात्र जीवन से ही काम करते रहे. 

सुखद संयोग की दिलाई याद

प्रधानमंत्री मोदी ने याद दिलाया कि 17 अप्रैल 1927 को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर जी की जन्म जयंती भी है. उन्होंने कहा कि विशेष बात यह है कि 17 अप्रैल को ही आप अपना तीसरी कार्यकाल शुरू करने जा रहे हैं.उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर जी के साथ आपका जुड़ाव, लगाव रहा है और आप उनके सहयात्री रहे हैं.ऐसे में यह सुयोग है. हरिवंश जी ने चंद्रशेखर जी पर किताबें लिखीं हैं और उनके वृहद जीवन को नई पीढी तक पहुंचाने का काम भी किया है. इसलिए यह आपके लिए विशेष अवसर है.

Advertisement

प्रधानमंत्री ने कहा कि हरिवंश जी का सार्वजनिक जीवन संसदीय कामों तक सीमित नहीं रहा है, उन्होंने पत्रकारिता में उच्च मापदंड को हमेशा आधार माना. उनकी लेखनी में धार है, लेकिन उनकी वाणी और व्यवहार में सौम्यता और शिष्टता भरी रहती है. 

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वो गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो भी हरिवंश जी के लेख पढ़ा करते थे. वो अपना पक्ष बड़ी दृढ़ता के साथ रखते थे. काफी अध्ययन के बाद उसका निचोड़ लेख में प्रकट होता था. उन्होंने कहा कि हरिवंश ने पत्रकारिता में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का निरंतर प्रयास किया. सदन में पॉलिसी और प्रॉसेस में उनका यह पक्ष दिखाई देता है. यह हम सबके लिए सुखद अनुभव है.  

Advertisement

ये भी पढ़ें: ट्रंप का दावा- ईरान अपनी 'न्यूक्लियर धूल' सौंपने को तैयार है, आखिर यह क्या और कहां है

Featured Video Of The Day
Exclusive: युद्धग्रस्त लेबनान में आज किस हालत में है महान लेखक खलील जिब्रान का गांव और उनकी मजार
Topics mentioned in this article