Ramchaura Temple: हाजीपुर का वह अनोखा मंदिर जहां मूर्ति नहीं, पूजे जाते हैं श्री राम के 'चरण', यहीं हुआ था प्रभु का मुंडन संस्कार

Ram Navami 2026: बिहार के हाजीपुर स्थित रामचौरा मंदिर का रामायण काल से गहरा नाता है. यहां भगवान राम का मुंडन संस्कार हुआ था. जानिए इस 45 फीट ऊंचे टीले पर स्थित इस मंदिर में रखी दो चरण पादुकाओं की पौराणिक कथा.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
हाजीपुर का ऐतिहासिक रामचौरा मंदिर
NDTV

Hajipur Ramchaura Temple: बिहार के वैशाली जिले में स्थित हाजीपुर का ऐतिहासिक रामचौरा मंदिर सिर्फ एक आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि त्रेतायुग और रामायण काल का एक जीवंत प्रमाण माना जाता है. यह मंदिर जमीन से लगभग 45 मीटर ऊंचे एक प्राचीन मिट्टी के टीले पर बना हुआ है. हैरानी की बात यह है कि  मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम की कोई मुख्य मूर्ति स्थापित नहीं है, बल्कि भक्त प्रभु के दिव्य चरण चिन्हों (पदपादुका) की पूजा करते हैं.

पहला चरण चिन्ह बाल्यकाल का तो दूसरा वनवास काल का

ऐसी मान्यता है की पहला चरण चिन्ह उनके बाल्यकाल का  माना जाता है, जब वे ऋषि विश्वामित्र के साथ सिद्धाश्रम (बक्सर) से जनकपुर जा रहे थे. दूसरा, उनके वनवास काल के दौरान इस स्थान पर आने का प्रतीक माना जाता है. इन दोनों की विशेषता यह है कि इनमें धनुष, तीर, कुंडल, चक्र और सूर्यनारायण के तेज जैसी आकृतियां अंकित हैं, जो इसे त्रेतायुग की दिव्य निशानी बनाती हैं.

प्रभु श्री राम की चरण पादुकाएं
Photo Credit: NDTV

यही हुआ था प्रभु श्रीराम का मुंडन संस्कार

स्थानीय कथाओं और विद्वानों के अनुसार, रामभद्र में स्थित प्राचीन रामचौरा मंदिर त्रेतायुग के दौरान  प्रभु श्री राम यहां दो बार आए थे. इसके अलावा ताड़का वध के बाद भगवान राम ने इसी स्थान पर गंगा स्नान कर अपने बालों का मुंडन भी करवाया था.'चौरा' शब्द का अर्थ मुंडन संस्कार के स्थान या उपवन से भी जोड़ा जाता है, इसी कारण इस स्थान का नाम 'रामचौरा' पड़ा. मंदिर परिसर में एक प्राचीन शिवलिंग भी स्थापित है, जिसके बारे में मान्यता है कि इसकी स्थापना स्वयं प्रभु श्री राम ने की थी.

मंदिर में उमड़ी भक्तों की भीड़
Photo Credit: NDtv

रामनवमी पर उमड़ता है आस्था का सैलाब

चैत्र रामनवमी के अवसर पर यहां हर साल भव्य मेले का आयोजन होता है. मंदिर के पुजारी बाबू लाल राय और आचार्य राजेश तिवारी बताते हैं कि यहां के पदचिन्हों के दर्शन मात्र से भक्तों के पापों का नाश होता है. वर्तमान में मंदिर का भव्य सौंदर्यीकरण कार्य जारी है, ताकि इस ऐतिहासिक धरोहर को और अधिक आकर्षक बनाया जा सके.

Advertisement

यह भी पढ़ें; चैत्र नवरात्रि पर वैष्णो देवी पहुंचीं मैथिली ठाकुर, दरबार का दिखाया अद्भुत नजारा, फैंस बोले- जय माता दी

Featured Video Of The Day
Petrol Diesel Price | सस्ते होंगे पेट्रोल-डीजल? सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला | Nirmala Sitharaman