दूसरे प्रेमी से कराई पहले लवर की हत्‍या, 7 महीने बाद खुला राज... गुजरात पुलिस ने यूं सुलझाई मर्डर मिस्‍ट्री

गुजरात के सुरेंद्रनगर में एक शख्‍स की मौत हादसे के बजाय हत्या निकली. पुलिस ने इस हत्‍या की साजिश में पत्नी और उसके प्रेमी को सात महीने बाद गिरफ्तार किया है.

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  • गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में एक व्यक्ति की मौत सड़क हादसे की बजाय हत्या की साजिश निकली है
  • पुलिस ने मृतक की पत्नी जागृतिबेन और उसके प्रेमी कांतिलाल साबरिया को सात महीने बाद गिरफ्तार किया है
  • जागृतिबेन ने पहले एक अन्य व्यक्ति से पति की हत्या के लिए 25 हजार रुपये की सुपारी दी थी
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सुरेंद्रनगर:

गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में पिछले साल एक व्यक्ति की हादसे में हुई मौत का मामला एक सोची-समझी हत्या की साजिश निकली. पुलिस ने बताया कि वारदात के सात महीने बाद मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने बताया कि मुखबिरों से मिली गुप्त सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर ये गिरफ्तारियां की गईं, जिससे पता चला कि महिला ने कथित तौर पर अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी.

रिश्‍तों की उलझी कहानी 

ये मर्डर मिस्‍ट्री रिश्‍तों में उलझी एक डरावनी कहानी है. जागृति गोस्वामी का पहली शादी सुखदेवगिरि गोस्वामी से हुआ था, जिनसे उनके दो बच्चे हैं. बाद में उन्हें अपने पति के बड़े भाई शांतिगिरि गोस्वामी से प्रेम हो गया. इसके बाद वह अपने पहले पति और बच्चों को छोड़कर जेठ के साथ भाग गईं. दोनों ने शादी कर दूसरे गांव में एक नया जीवन शुरू किया. शांतिगिरि एक ट्रक ड्राइवर था और अक्सर हफ्तों तक घर से दूर रहता था. इस बीच जागृति गोस्वामी के बगल वाले घर में कांतिलाल उर्फ ​​भरतभाई लालजीभाई सबरिया किराए पर रहने के लिए आया. धीरे-धीरे दोनों में बातचीत शुरू हुई और प्‍यार हो गया. इस बीच जागृति का लगातार पति से झगड़ा रहने लगा. इन झगड़ों से परेशान होकर जागृति और कांतिलाल ने शांतिगिरि को खत्म करने की योजना बनाई और इसके लिए उन्होंने यूनिस नामक एक सुपारी किलर को 25,000 रुपये भी दे दिये. 
एक रात, यूनिस हत्या करने के इरादे से घर में घुसा, लेकिन शांतिगिरि को सोते हुए देखकर उसका साहस टूट गया. योजना को अंजाम देने के बजाय, उसने चुपके से सोते हुए व्यक्ति की तस्वीर खींची और जागृति को भेज दी, साथ ही झूठा दावा किया कि काम पूरा हो गया है. अपने पति को मृत समझकर जागृति ने उसे पैसे दे दिए.

पति को मारने के लिए दी 25 हजार की सुपारी

पुलिस ने बताया कि जागृतिबेन ने सबसे पहले यूनुस मेमन नाम के एक व्यक्ति से संपर्क किया और उसे अपने पति को खत्म करने के लिए पैसे की पेशकश की, लेकिन उसने गोस्वामी की फर्जी मौत का नाटक करके उससे 25,000 रुपये ठग लिये. इसके बाद जागृतिबेन ने कांतिलाल के साथ मिलकर पति को ठिकाने लगाने की साजिश रची, जिसमें वह कामयाब हो गई. 

प्रेमी के साथ मिल पति को उतारा मौत के घाट

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने अक्टूबर 2025 में शांतिगिरि गोस्वामी नामक व्यक्ति के संदिग्ध रूप से लापता होने और बाद में हुई मौत के संबंध में मिली गुप्त सूचना के आधार पर जांच शुरू की थी. इसके बाद पुलिस ने मृतक की पत्नी जागृतिबेन और कांतिलाल साबरिया को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, सुरेंद्रनगर जिले में एक नहर के पास से गोस्वामी का शव बरामद किया गया था और शुरुआत में माना जा रहा था कि उसकी मौत सड़क हादसे में हुई. 

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हत्‍या के बाद पत्‍नी के सबूत भी मिटाए 

पुलिस ने बताया, "लगातार पूछताछ के बाद यह खुलासा हुआ कि आरोपी जागृतिबेन लंबे समय से कांतिलाल के साथ रिलेशनशिप में थी. शुरुआती पूछताछ से संकेत मिला है कि लगातार घरेलू विवादों और व्यक्तिगत कलह के कारण आरोपियों ने कथित तौर पर गोस्वामी के खिलाफ साजिश रची. साबरिया ने कथित तौर पर हत्या की वारदात को अंजाम देने और उसके बाद सबूतों को नष्ट करने में अहम भूमिका निभाई, जबकि जागृतिबेन ने आपराधिक साजिश रचने, अपराध को छुपाने में मदद की और उसमें शामिल रही.

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जागृतिबेन और कांतिलाल ने कथित तौर पर यह जताकर सच्चाई को छुपाने का प्रयास किया कि गोस्वामी अपनी मर्जी से घर छोड़कर चला गया था और उन्होंने उसकी गुमशुदगी के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराने से भी परहेज किया.'

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