दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए प्रदूषण के मोर्चे पर राहत की खबर है. दिल्ली की आबोहवा में आए सुधार और एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में गिरावट के बाद पूरे इलाके में लागू ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चौथे चरण (GRAP-4) को तत्काल प्रभाव से हटाने का फैसला किया गया है. वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने मंगलवार को इसका ऐलान कर दिया.
AQI में सुधार के बाद फैसला
दिल्ली के एक्यूआई में अचानक बढ़ोतरी को देखते हुए 17 जनवरी को ग्रैप-4 लागू किया गया था. एक्यूआई 450 तक पहुंच गया था इसके तहत दिल्ली में भारी वाहनों के प्रवेश और कई निर्माण कार्यों पर पाबंदी लगा दी गई थी. लेकिन अब आबोहवा में सुधार को देखते हुए सेहत पाबंदियों में ढील देने का फैसला किया गया है. हालांकि स्टेज-1, 2 और 3 के प्रतिबंध अभी लागू रहेंगे.
378 रहा दिल्ली का एक्यूआई
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के डेली बुलेटिन के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली का औसत एक्यूआई 378 दर्ज किया गया. यह प्रदूषण के स्तर में लगातार गिरावट का संकेत है. इसी को देखते हुए सीएक्यूएम की उप कमिटी की बैठक हुई. इसमें दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता में आए सुधार की समीक्षा की गई और ग्रैप-4 की बंदिशों को हटाने का फैसला किया गया.
ग्रैप-3 में रहती हैं ये पाबंदियां
सीएक्यूएम ने भले ही जीआरएपी-4 हटाने का ऐलान किया हो, लेकिन बीएस 3 और बीएस 4 डीजल वाहनों पर बैन, धूल नियंत्रण, कूड़ा जलाने पर रोक और अन्य पाबंदियां चरण-1, 2 और 3 के तहत सख्ती से लागू रहेंगी. इनमें गैरजरूरी निर्माण कार्य, ध्वस्तीकरण के अलावा स्टोन क्रशर और खनन संबंधी गतिविधियों पर रोक रहती है. पुराने डीजल वाहनों और अंतरराज्यीय डीजल बसों पर भी रोक लगा दी जाती है. स्कूलों में कक्षा 5 तक ऑनलाइन मोड में पढ़ाई की सलाह दी जाती है. इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर डीजल जनरेटरों पर रोक लगाई जाती है.














