दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए लागू की गईं GRAP-3 की पाबंदियां

GRAP 3  के लागू होने के बाद गैर जरूरी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगेगा. इस दौरान निर्माण कार्य या किसी इमारत को गिराने के लिए किए जाने वाले कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए GRAP 3 की पाबंदियों को एक बार फिर से लागू कर दिया गया है. GRAP 3 लगाने का ये फैसला 15 जनवरी को हवा की गुणवत्ता को देखते हुए लिया है. शुक्रवार को दिल्ली में AQI का स्तर 343 तक पहुंच गया था. जबकि ये शाम चार बजे तक 354 पहुंय गया था. उधर, मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले कुछ दिनों तक हवा की गति कम रहने की बात कही है. ऐसे में प्रदूषण के बढ़ने की आशंका और ज्यादा है. 

GRAP 3 के लागू होने के बात क्या कुछ बंद रहेगा

आपको बता दें कि GRAP 3  के लागू होने के बाद गैर जरूरी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगेगा. इस दौरान निर्माण कार्य या किसी इमारत को गिराने के लिए किए जाने वाले कार्यों पर प्रतिबंध रहेगा. इसी दौरान दिल्ली एनसीआर में बीएस 3 और बीएस 4 डीजल वाहनों के चलने पर प्रतिबंध रहेगा. 

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की मॉनिटरिंग करने वाली संस्था प्रदूषण वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए जारी निर्देशों का लगातार उल्लंघन करने पर 16 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने का निर्देश जारी किया था.प्रदूषण पर नकेल कसने के तहत की गयी सख्त कार्यवाही के तहत जिन 16 औद्योगिक इकाइयों को बंद करने का निर्देश दिया गया है उनमें से एक उत्तर प्रदेश (एनसीआर) में, एक राजस्थान (एनसीआर) में और बांकि की 14 औद्योगिक इकाइयां हरियाणा के सोनीपत जिले में चल रही थीं.

अपने सख्त निर्देश में CAQM ने कहा था कि निरीक्षणों में पर्यावरण संबंधी कई गंभीर उल्लंघनों का पता चला, जिनमें मौजूदा कानूनों के तहत अनिवार्य स्थापना सहमति (Consent to Establish) और संचालन सहमति प्राप्त किए बिना स्थापना और संचालन करना; वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों की स्थापना नहीं होना या उनका काम नहीं करना; अस्वीकृत ईंधनों का उपयोग; ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत प्रतिबंधित अवधियों के दौरान इकाइयों का संचालन; डीजल जनरेटर (डीजी) सेट का निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होना और औद्योगिक प्रक्रियाओं से स्पष्ट रूप से धुआं और उत्सर्जन होते दिखना शामिल हैं.

इन सभी 16 औद्योगिक इकाइयों को मौजूदा प्रदूषण नियंत्रित करने से जुड़े निर्देशों के अनुरूप आवश्यक अनुपालन पूरा होने तक तत्काल बंद करने का निर्देश दिया गया था.CAQM ने दिल्ली-एनसीआर में चल रहे सभी तरह के उद्योगों को निर्देश दिया था कि उन्हें प्रदूषण नियंत्रित करने से जुड़े पर्यावरणीय मानदंडों का सख्ती से पालन करना होगा, वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों को स्थापित करके उनका संचालन सुनिश्चित करना होगा.साल 2025 के दौरान CAQM द्वारा प्रदूषण के मोर्चे पर सख्ती बरतने के अच्छे नतीजे सामने आये हैं.

Featured Video Of The Day
BMC Election Results 2026: बंपर जीत के बाद Amruta Fadnavis ने NDTV से क्या कहा? | Devendra Fadnavis
Topics mentioned in this article