- झज्जर में कुख्यात गैंगस्टर मैनपाल बादली को शादी के लिए जेल से मात्र बारह घंटे की कस्टडी पैरोल मिली है.
- मैनपाल की दुल्हन कंबोडिया की रहने वाली मेटा चान हैं जो अपने तीन बच्चों के साथ शादी में शामिल होने भारत आई हैं.
- मैनपाल ने 2018 में पैरोल लेकर जेल से फरार होकर कंबोडिया में छिपकर जीवन बिताया और वहां कारोबार भी शुरू किया था.
Gangster Mainpal Badli Wedding: हरियाणा का झज्जर आज एक अनोखी शादी की गवाह बनने जा रहा है. इस शादी के लिए दूल्हा मात्र 12 घंटे के लिए जेल से बाहर लाया गया है. जबकि दुल्हन तीन बच्चों के साथ कंबोडिया से आई हैं. दरअसल यह शादी हो रही हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर मैनपाल बादली उर्फ मैनपाल ढिल्ला की. ढिल्ला इस समय जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है. शादी के लिए उसे आज महज 12 घंटे की कस्टडी पैरोल मिली है. शादी के बाद वो वापस झज्जर की जेल में चला जाएगा.
कंबोडिया की मेटा चान परिजनों के साथ पहुंचीं झज्जर
मैनपाल ढिल्ला मूल रूप से झज्जर जिले के बादली गांव का रहने वाला है. शादी का कार्यक्रम जेल के पास ही झज्जर-गुरुग्राम रोड स्थित दुलीना फार्म में रखा गया है. कंबोडिया की रहने वाली मेटा चान और उनके परिवार के सदस्य शादी के लिए झज्जर पहले ही पहुंच चुके थे. शादी हिंदू रीति-रिवाज से हो रही है.
शादी के लिए मिली है 12 घंटे की कस्टडी पैरोल
मैनपाल को शादी में शामिल होने के लिए 24 सितंबर को सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक की कस्टडी पैरोल दी गई है. इस दौरान वह पुलिस की निगरानी में रहेगा. यानी यह सामान्य पैरोल नहीं है. जेल से बाहर निकलने के बाद भी उसकी सुरक्षा और निगरानी पुलिस के जिम्मे रहेगी. शादी की रस्में पूरी होने के बाद उसे तय समय सीमा के भीतर वापस जेल पहुंचाया जाएगा.
कंबोडिया से आई मैनपाल की दुल्हन
इस शादी को खास बनाने वाली एक बड़ी वजह दुल्हन भी है. मैनपाल ढिल्ला की शादी कंबोडिया की रहने वाली मेटा चान से हो रही है. मैनपाल जब जेल से पैरोल लेकर 2021 में फरार हुआ था, उसके बाद वह कंबोडिया पहुंच गया था. वहीं उसकी मुलाकात मेटा चान से हुई.
बाद में दोनों ने साथ रहना शुरू किया और परिवार बसाया. उसके 4 बच्चे हैं जिनमें एक बच्चा फिलहाल कंबोडिया में ही है, मौजूदा शादी के लिए मेटा चान अपने परिवार के साथ भारत पहुंची हैं.
पहले भी पैरोल के दौरान ही भाग गया था मैनपाल
मैनपाल ढिल्ला का मामला इसलिए भी खास है क्योंकि जिस पैरोल पर वह जेल से बाहर आया था, उसी के बाद वह देश छोड़कर फरार हो गया था. मैनपाल को 17 जुलाई 2018 को हिसार सेंट्रल जेल से छह सप्ताह की पैरोल मिली थी. पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद उसे जेल वापस लौटना था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा. इसके बाद वह फरार हो गया और बाद में कंबोडिया पहुंच गया.
उसने विदेश जाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था. कंबोडिया में उसने अपनी पहचान बदलकर रहने की कोशिश की और वहां कारोबार भी शुरू किया.
कंबोडियाई पार्टनर मेटा चान के साथ गैंगस्टर मैनपाल बादली की पुरानी तस्वीर.
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मैनपाल के खिलाफ हत्या, लूट, डकैती सहित 22 मामले
मैनपाल ढिल्ला का आपराधिक रिकॉर्ड काफी पुराना है. उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, आपराधिक साजिश और अवैध हथियारों से जुड़े करीब 22 मामले दर्ज हैं.
बहादुरगढ़ में दर्ज एक मामले में उसे हत्या, हत्या के प्रयास, अवैध हथियारों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया गया था. साल 2013 में अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसके अलावा उसे दो अन्य मामलों में भी दोषी ठहराए जाने की जानकारी सामने आई है.
फरारी के दौरान कई साल कंबोडिया में रहा
पैरोल से फरार होने के बाद मैनपाल कई साल तक भारत से बाहर रहा. जांच एजेंसियों को उसके कंबोडिया में होने की जानकारी मिली. हरियाणा पुलिस के अनुरोध पर CBI ने 6 नवंबर 2024 को इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ रेड नोटिस जारी करवाया. इसके बाद भारतीय एजेंसियों ने कंबोडियाई अधिकारियों के साथ मिलकर उसकी तलाश और गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई.
पिछले साल कंबोडिया से भारत लाया गया था मैनपाल
24 जुलाई 2025 को कंबोडियाई अधिकारियों ने मैनपाल को गिरफ्तार किया और इसके बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई. करीब डेढ़ महीने बाद, 2 सितंबर 2025 को उसे भारत वापस लाया गया. भारत आने के बाद से वह दोबारा जेल में है और अपनी उम्रकैद की सजा काट रहा है.