वाराणसी को गंगा, वरुणा कॉरिडोर का तोहफा, लखनऊ-प्रयागराज से जौनपुर तक मिलेगी हाईस्पीड, पीएम मोदी कैबिनेट की मंजूरी

Cabinet Decisions Today: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय कैबिनेट ने वाराणसी में गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और वरुणा कॉरिडोर को मंजूरी दी. इससे प्रयागराज, लखनऊ, जौनपुर तक पूर्वांचल को तेज रफ्तार मिलेगी. काशी विश्वनाथ के दर्शन आसान होंगे.

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Ganga Elevated Corridor Varuna Corridor PM Modi Cabinet
NDTV
नई दिल्ली:

वाराणसी में दो महत्वपूर्ण कॉरिडोर गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और वरुणा कॉरिडोर को बुधवार को कैबिनेट मंजूरी मिल गई.नेशनल हाइवे के सूत्रों के मुताबिक ये दोनों प्रोजेक्ट की लागत करीब 25000 करोड़ रुपये आने की संभावना है. वाराणसी और आसपास के लोगों के लिए ये दोनों प्रोजेक्ट गेम चेंजर साबित होने जा रहे हैं. वरुणा एलीवेटेड कॉरिडोर पर करीब 6000 करोड़ खर्च होगा. वाराणसी में वरुणा नदी के समानांतर यानी हरगिज-राजा तालाब आर्डर रिंग रोड से शुरू होकर नमो घाट तक ये रोड जाएगा. इस परियोजना को 2028 तक पूरा किया जाएगा. इसके बनने से लखनऊ, प्रयागराज और जौनपुर से आने वाले लोग बिना शहर के ट्रैफिक में फंसे सीधे काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन कर सकेंगे.

गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर (Ganga Elevated Corridor)

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने नेशनल हाईवे-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच 46 किलोमीटर लंबे लिंक और कनेक्टर कॉरिडोर के विकास को मंज़ूरी दी है. इस प्रोजेक्ट को कुल 14,447.64 करोड़ खर्च होंगे. NH-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच सीधी कनेक्टिविटी से ट्रैफिक का दबाव घटेगा. इससे यात्रा का औसत समय 60 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा. NH-19 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा 50 मिनट से घटकर करीब 25 मिनट में पूरी होगी. गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर NH 19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा. ये रोड वाराणसी के रिंग रोड से वाराणसी बाईपास होते हुए NH-2 गंगा ब्रिज को जोड़ेगी. इसकी सबसे बड़ी खासियत होगी कि नमो घाट पर डबल डेकर स्ट्रक्चर बनेगा, जिसके ऊपर रेलवे की लेन और नीचे छह लेन हाईवे होगा. 

गंगा कॉरिडोर कहां बनेगा

गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर गंगा नदी के समानांतर कॉरिडोर होगा.यह करीब 46 किलोमीटर लंबा 6 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर है. यह नेशनल हाईवे 19 (NH-19) को सीधे वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा. इससे अस्सी घाट, मणिकर्णिका घाट, नमो घाट और काशी विश्वनाथ धाम तक श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की पहुंच आसान हो जाएगी. इस कॉरिडोर से समय 60 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा. वाहनों की औसत स्पीड 100 किमी प्रति घंटा तक हो जाएगी.

गंगा कॉरिडोर का रूट मैप

इसमें 6 लेन का एलिवेटेड मुख्य कैरिजवे, शानदार केबल-स्टेयड ब्रिज, फुटओवर, लूप, रैंप, लिंक रोड और सर्विस रोड शामिल हैं. गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर को ऐसे डिजाइन किया गया है कि गंगा नदी के प्राकृतिक दृश्यों और घाटों को कोई नुकसान न पहुंचे. शानदार केबल स्टेड ब्रिज (तारों पर टिका पुल) भी बनाया जाएगा. पर्यटकों के लिए व्यूपॉइंट और दर्शक गैलरी बनेगी, जहां से श्रद्धालु गंगा और उसके घाटों के मनोरम दृश्य देख सकेंगे. गंगा नदी को पार करने के लिए इसमें तीन पैदल चलने वाले झूला पुल भी बनाए जाने हैं.

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वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर (Varuna Elevated Corridor)

वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर वाराणसी की वरुणा नदी के समानांतर बनाया जाएगा, ताकि शहर के अंदरूनी ट्रैफिक के भारी दबाव को रिंग रोड और नेशनल हाईवे की तरफ डाइवर्ट किया जा सके.यह लगभग 43.2 किलोमीटर का होगा. इसमें मुख्य हिस्सा करीब 21.15 किलोमीटर का लंबा फोरलेन और बाकी सिक्स लेन कॉरिडोर होगा.यह नेशनल हाईवे 31 (NH 31) को सीधे वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा. यह कॉरिडोर वाराणसी सदर और पिंडरा तहसील के दर्जनों गांवों से होकर गुजरेगा. इस वरुणा कॉरिडोर की लागत लगभग 11 हजार करोड़ आंकी गई है.इसमें कई फ्लाईओवर, लूप, रैंप और मुख्य सड़कों को जोड़ने वाले लिंक रोड का नेटवर्क भी शामिल होगा.

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वाराणसी रिंग रोड और वरुणा तीर्थ कॉरिडोर का प्लान

वाराणसी में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) वरुणा नदी के किनारे NH-31 और वाराणसी रिंग रोड के बीच वरुणा तीर्थ कॉरिडोर परियोजना पर भी काम कर रहा है. इसमें 21.15 किमी के दायरे में 41 गांवों में गंगा किनारे और NH-19 से रिंग रोड तक 18 किमी के 11 गांवों से वरुणा एलिवेटेड और रिंग रोड परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है. इन गांवों भूमि के खरीद-फरोख्त पर भी रोक लगा दी गई है. 

गंगा एलिवेटेड में शामिल गांव

गंगा एलिवेटेड कॉरिडोर में समना, डोमरी, सीरगोवर्धनपुर, छितुपुर, किला कोहना, कोरौटा, रामनगर, भगवानपुर, सुजाबाद, नगवा, नदेसर, वारिदपुर गांव शामिल हैं, जिनकी जमीन की खरीद फरोख्त पर रोक लगी है. 

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वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर

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वरुणा एलिवेटेड कॉरिडोर में सदर तहसील के कुडुहना,रस्तमसर, परशुरामपुर, सराय, पिररां, बड़ागांव प्रथम, छपरी, लोहरापुर, रनियापुर, छितौनी, कोरौटा, किला कोहना, इंदरपुर, सिरिस्ता, चौका, जेतुपुर, काजी सरसौलपुर, अटहरपुर, मकदूमपुर, भटके, करनजापुर और कटेसर गांव शामिल हैं.जलालपुर की पिंडरा तहसील में महादेवपुर, सरायखांपुर, दहेपुर, दुर्गापुर, प्रतापट्टी, मंगापुर, सहदुल्लीनगर, परसियापुर, समाद, कोर्राज, अहिरान, अनेनपुर, करोंमा, धनेसी, बंजरपट्टी, बरसांडी, कोर्राजपुर, भगवनपुर, बाजिदपुर, गांवों की जमीन अधिग्रहित की जानी है.
 

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