- प्रतिभा पाटिल ने महिला रिजर्वेशन बिल को ऐतिहासिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए परिवर्तनकारी बताया
- इस अधिनियम के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने का प्रावधान किया गया है
- प्रतिभा पाटिल ने विधेयक को लैंगिक समानता के भारत के संकल्प की मजबूत पुष्टि बताया है
मोदी सरकार के लाए जा रहे नारी शक्ति वंदन अधिनियम को अब पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल का साथ मिला है. प्रतिभा पाटिल ने पत्र लिखकर पीएम मोदी से महिला रिजर्वेशन बिल को ऐतिहासिक बताते हुए इसकी सराहना की है. प्रतिभा पाटिल के इस पत्र को राजनीतिक समर्थन का एक अहम संदेश माना जा रहा है. पूर्व राष्ट्रपति ने इस महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधन को भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक परिवर्तनकारी कदम बताया है.
महिला रिजर्वेशन बिल को प्रतिभा पाटिल का साथ
इस कानून के तहत संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को बढ़ाने का प्रावधान किया गया है. पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने इसे लैंगिक समानता हासिल करने के भारत के संकल्प की एक मजबूत पुष्टि बताया है.उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश की सबसे उच्च विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करता है. पाटिल ने जोर देकर कहा कि महिलाओं के विभिन्न अनुभव और दृष्टिकोण नीति निर्माण को अधिक संतुलित और संवेदनशील बनाएंगे.
आगे बढ़ने और नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा
पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने विश्वास जताया कि यह पहल ग्रामीण और वंचित समुदायों की महिलाओं की आकांक्षाओं को नई ऊर्जा देगी. उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं को आगे बढ़ने और नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा.पत्र के अंत में पाटिल ने इस “लंबे समय से संजोए गए सपने को साकार करने” में शामिल सभी पक्षों की सराहना की. उन्होंने इसे ऐतिहासिक असमानताओं को कम करने और एक अधिक समावेशी भारत के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया.
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