LoC पर ऐसा क्या हुआ कि पाकिस्तान बॉर्डर के पास दनादन फटने लगीं बारूदी सुरंगें, लगी भीषण आग

भारत-पाकिस्तान के बीच एलओसी पर करीब 700 किलोमीटर लंबी बाड़ लगाई गई है. इसकी सुरक्षा के लिए जगह जगह लैंडमाइंस बिछाई गई हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा के पास जंगलों में लगी आग से बारूदी सुरंगें धमाके के साथ फट रही हैं
  • बालाकोट सेक्टर के बसूनी फॉरवर्ड इलाके में लगी आग अब मेंढर सेक्टर के बड़े हिस्से तक फैल चुकी है
  • एलओसी पर करीब 700 किमी लंबी बाड़ के साथ जगह-जगह लैंडमाइंस और इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा उपकरण लगे हैं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा (LoC) के पास जंगलों में लगी भीषण आग ने सुरक्षा बलों की चिंता बढ़ा दी है. पिछले दो दिनों से धधक रही इस आग की वजह से सीमा पर बिछाई गई लैंडमाइन (बारूदी सुरंगें) धमाके के साथ फट रही हैं. बताया जा रहा है कि अब तक करीब एक दर्जन लैंडमाइन में ब्लास्ट हो चुका है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप है. 

बालाकोट में लगी थी आग, मेंढर तक फैली

अधिकारियों ने बताया कि ये सोमवार को बालाकोट सेक्टर के बसूनी फॉरवर्ड इलाके में शुरू हुई थी, जो मंगलवार को फैलकर मेंढर सेक्टर के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले चुकी है. नियंत्रण रेखा के पास घने जंगलों में लगी यह आग तेजी से फैलते हुए उन अग्रिम इलाकों तक पहुंच गई है, जहां सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए बारूदी सुरंगें बिछाई हुई हैं. आग की वजह से ये लैंडमाइन एक-एक कर फट रही हैं.

700 KM लंबी बाड़, बिछी हैं लैंडमाइंस

भारत-पाकिस्तान के बीच एलओसी पर करीब 700 किलोमीटर लंबी बाड़ लगाई गई है. इसकी सुरक्षा के लिए जगह जगह लैंडमाइंस बिछाई गई हैं. इसके अलावा सेंसर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का भी इस्तेमाल किया जाता है.

ये भी देखें- पाकिस्तान का डर्टी गेम: नौशेरा से सांबा तक दिखे ड्रोन तो सेना ने बरसाईं गोलियां, जानें पूरा मामला

Advertisement

आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी

जम्मू-कश्मीर में लंबे समय से सूखे की स्थिति और बारिश की कमी के कारण जंगलों में आग की घटनाएं बढ़ गई हैं. खासकर पीर पंजाल के राजौरी और पुंछ जिलों में सूखे मौसम में ऐसी आग लगना आम बात है. 

अधिकारियों ने पुष्टि की है कि आग या बारूदी सुरंगों में धमाके से अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. सेना और संबंधित विभाग आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि बारूदी सुरंगों के फटने का सिलसिला रुक सके.

Advertisement

एक हफ्ते में दूसरी बार फटीं लैंडमाइंस 

बता दें पिछले एक हफ्ते में पुंछ जिले में आग के कारण लैंडमाइन फटने की यह दूसरी घटना है. पिछले साल भी जनवरी के महीने में इसी तरह की भीषण आग लगी थी और सिलसिलेवार धमाके हुए थे. पिछले महीने अनंतनाग जिले में आग बुझाते समय एक फॉरेस्ट गार्ड को जान गंवानी पड़ी थी.

एलओसी पर इस आग ने सेना के लिए दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है. एक तरफ आग बुझाने की कोशिशें की जा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ बारूदी सुरंगों में धमाकों से बने सिक्योरिटी गैप का फायदा उठाकर घुसपैठ रोकने के भी इंतजाम किए जा रहे हैं. एलओसी पर मल्टी टियर सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है.

ये भी देखें- भारतीय सेना की ड्रोन टेक्‍नोलॉजी में बड़ी छलांग, आर्मी चीफ बोले- हर कमांड के पास 5000 ड्रोन बनाने की क्षमता

Topics mentioned in this article