यह देखकर खुशी होती है कि... RSS के 100 साल पूरे होने पर बाइचुंग भूटिया ने ऐसे दी बधाई

अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री विजेता बाइचुंग भूटिया ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के 100 गौरवशाली वर्ष पूरे होने पर मैं उसके प्रत्येक सदस्य को अपनी शुभकामनाएं और बधाई देना चाहता हूं.

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने पर मशहूर फुटबॉलर बाइचुंग भूटिया ने बधाई दी है. उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि यह देखकर बहुत खुशी होती है कि आरएसएस ने पूरे समर्पण के साथ इस देश और देशवासियों की सेवा की है. 

अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री विजेता बाइचुंग भूटिया ने अपने संदेश में कहा कि इस साल 2 अक्तूबर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपनी स्थापना के 100 गौरवशाली वर्ष पूरे कर रहा है. इस अवसर पर मैं आरएसएस के प्रत्येक सदस्य को अपनी शुभकामनाएं और बधाई देना चाहता हूं. 

भूटिया ने आगे कहा कि यह देखकर बहुत खुशी होती है कि आरएसएस ने पूरे समर्पण के साथ इस देश और देशवासियों की सेवा की है. उन्होंने जय हिंद जय भारत से अपनी बात का समापन किया. 

इससे पहले, आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने सोमवार को बताया था कि आरएसएस के शताब्दी वर्ष समारोहों की शुरुआत 2 अक्टूबर को विजयादशमी कार्यक्रम के साथ होगी, जिसे संघ प्रमुख मोहन भागवत संबोधित करेंगे. इस दौरान पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि होंगे. 

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इस कार्यक्रम में घाना, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड, इंडोनेशिया, ब्रिटेन और अमेरिका के अतिथि भी शामिल होंगे. कई नामी उद्योगपति भी इसका हिस्सा बनेंगे. संघ के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम अगले साल विजयादशमी तक आयोजित किए जाएंगे. 

उन्होंने बताया कि सरसंघचालक भागवत और महासचिव दत्तात्रेय होसबाले शताब्दी वर्ष के दौरान देश में संघ के अनुसार चिह्नित सभी प्रांतों का दौरा करेंगे. अगस्त में दिल्ली में हुए आरएसएस प्रमुख भागवत के तीन दिवसीय ‘संवाद' कार्यक्रम की तर्ज पर बेंगलुरु, कोलकाता और मुंबई में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.

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आंबेकर ने बताया कि इस वर्ष 7-8 नवंबर को बेंगलुरु में, 21 दिसंबर को कोलकाता में और 6-7 फरवरी को मुंबई में दो दिवसीय कार्यक्रम होंगे. प्रसिद्ध गायक-संगीतकार शंकर महादेवन 28 सितंबर को नागपुर में एक कार्यक्रम में ‘संघ गीत' प्रस्तुत करेंगे.

शताब्दी वर्ष के दौरान आरएसएस गृह संपर्क अभियान के तहत देश भर के नागरिकों तक पहुंचकर उन्हें अपनी विचारधारा और कार्यों से अवगत कराएगा. देश भर में एक लाख से ज़्यादा जगहों पर हिंदू सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे.

आरएसएस की स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में ‘व्यक्ति निर्माण' के उद्देश्य से की थी. आंबेकर के मुताबिक, फिलहाल आरएसएस की 83,000 से ज़्यादा दैनिक शाखाएं और 32,000 साप्ताहिक शाखाएं संचालित होती हैं.

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